Jharkhand News: झारखंड के रांची जिले में पुलिस की कथित प्रताड़ना से परेशान होकर एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिसके बाद एक थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। उन्होंने बताया कि धुरवा थाना क्षेत्र के डीटी खटाल इलाके के रहने वाले पीड़ित प्रधान यादव (44) ने अपने पांच पन्नों के सुसाइड नोट में अधिकारियों द्वारा परेशान किए जाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद इन तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने सोमवार को फांसी लगा ली। उसने 5 जून को थाने में शिकायत की थी कि पड़ोसियों ने किसी विवाद को लेकर उसकी पिटाई की है। इसके बाद, जांच अधिकारी (IO) लाल मोहन पांडे और उनके सहयोगी जितेंद्र टुडू समेत अधिकारी उस पर पड़ोसी जितेंद्र यादव और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मामले को सुलझाने का दबाव बना रहे थे। रांची के SSP राकेश रंजन ने कहा, “धुरवा थाने के प्रभारी अरुण कुमार महथा, लाल मोहन पांडे और जितेंद्र टुडू को सस्पेंड कर दिया गया है। मैंने मामले की गहन जांच के लिए हटिया DSP के नेतृत्व में एक जांच टीम बनाई है और जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
हटिया DSP नीरज कुमार ने PTI को बताया, “सुसाइड नोट में पीड़ित ने कहा था कि अधिकारियों ने थाने में उसकी शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, उसके और उसके परिवार के खिलाफ FIR दर्ज कर ली थी। उसने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था।” उन्होंने आगे कहा कि पीड़ित की पत्नी सविता देवी के बयान के आधार पर सोमवार को 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इस मामले में अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। सभी आरोपी फरार हैं, लेकिन उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। DSP ने कहा कि जितेंद्र यादव इस मामले में मुख्य आरोपी है।

