देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ ने गदरपुर से सलाउद्दीन को गिरफ्तार किया है। सलाउद्दीन पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (इंस्टाग्राम, टेलीग्राम एवं सिग्नल) के माध्यम से युवाओं को प्रभावित कर कट्टरपंथी एवं जिहादी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा था।
एसटीएफ टीम द्वारा उसके मोबाइल फोन की जांच के दौरान सिग्नल एवं टेलीग्राम एप पर कई समूहों और चैट्स में कथित रूप से जिहाद, शहादत तथा राष्ट्रविरोधी विचारों से संबंधित सामग्री और संदेश पाए गए।
सलाउद्दीन के चैट्स से खुले राज
प्रारम्भिक जांच में आरोपी के सोशल मीडिया नेटवर्क के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय/ट्रांस-बॉर्डर कट्टरपंथी तत्वों से संभावित संपर्कों के संकेत मिले हैं। इन कनेक्शनों की सत्यता एवं दायरे की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दौरान चैट्स में हथियार, विस्फोटक सामग्री के सुरक्षित भंडारण एवं उनकी आवाजाही से संबंधित संदिग्ध बातचीत भी सामने आई है, जिसकी तकनीकी एवं फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
आरोपी द्वारा पूछताछ के दौरान बताया गया कि कुछ चैट एवं संपर्कों को उसने डिलीट कर दिया था। साथ ही उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी एक व्यक्ति से उसके संपर्क होने की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी भूमिका की जांच जारी है। पूछताछ में संवेदनशील जानकारी मिली है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि कुछ घटनाओं से प्रभावित होकर उसके भीतर कट्टरपंथी सोच विकसित हुई थी।
पाकिस्तान द्वारा मलेशिया से संपर्क में था
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि देश विरोधी गतिविधियों में पाकिस्तान द्वारा मलेशिया से एक व्यक्ति द्वारा इसको संचालित किया जा रहा था और किसी घटना को अंजाम देने के लिए तैयारी हो रही थी। गदरपुर से पकड़े गए कट्टरपंथी मोहम्मद सलाउद्दीन की गिरफ्तारी के एसटीएफ की पूछताछ और डिजिटल जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपित कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की ओर बढ़ रहा था। अब उसके संभावित विदेशी, सीमापार और अंतरराज्यीय संपर्कों की जांच शुरू कर दी गई है।
पूछताछ से यूपी के रामपुर निवासी एक व्यक्ति से उसके संपर्क होने की जानकारी भी सामने आयी ,अन्तरराज्यीय देशद्रोही नेटवर्क की संभावना के चलते स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड की विशेष टीम द्वारा रामपुर में दबिश दी गयी और टीम द्वारा रामपुर से अताउल्ला समीर पुत्र शरीफ अहमद नाम के युवक को पूछताछ के लिए लाया गया। पूछताछ व उसके मोबाइल फोन तकनीकी जांच से ये तथ्य सामने आये कि उक्त युवक समीर को इस नेटवर्क से जुड़े आकाओं द्वारा देशविरोधी गतिविधियों व कार्यकलापों के लिए उकसाया व भड़काया जा रहा था।
उसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (इंस्टाग्राम, टेलीग्राम एवं सिग्नल) के माध्यम से प्रभावित कर कट्टरपंथी एवं जिहादी विचारधारा से जोड़ने तथा सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के विरुद्ध मोड़ने का प्रयास किया जा रहा था। एसएसपी एसटीएफ द्वारा बताया गया कि अभी युवक से गहन पूछताछ के बाद उसके परिजनों के सुपुर्द कर उसके मोबाइल फोन को जांच हेतु फोरेसिंक लैब भेजा रहा है फोरेंसिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, आरोपित के मोबाइल फोन और इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स की जांच में कई ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जो उसे कट्टरपंथी नेटवर्क से जोड़ते हैं। सलाउद्दीन जिन जिन के संपर्क में था, इन सब पर भी कार्रवाई की जा रही है।

