भारतीय शेयर बाजार आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बढ़त के साथ खुला है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 358 अंक की बढ़त लेकर 77,160 पर खुला। शुरुआती कारोबार में 9 बजकर 30 मिनट पर यह 0.54 फीसदी या 417 अंक की बढ़त के साथ 77,220 पर ट्रेड करता दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 20 शेयर हरे निशान पर और 10 शेयर लाल निशान पर ट्रेड करते दिखाई दिए। उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी इस समय 0.50 फीसदी या 121 अंक की बढ़त के साथ 24,133 पर ट्रेड करता दिखाई दिया।
AGM के बाद उछला रिलायंस का शेयर
सेंसेक्स पैक के शेयरों में सबसे अधिक तेजी रिलांयस के शेयर में 2.44 फीसदी देखी गई। आईटी शेयर भी हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे हैं। टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, ट्रेंट, कोटक बैंक, मारुति, टाटा स्टील, ईटरनल, एसबीआई और एक्सिस बैंक के शेयर हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे। इससे इतर इंडिगो, टाइटन, अडानी पोर्ट्स, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी, पावरग्रिड, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व और एशियन पेंट के शेयर लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे।
IT शेयरों में आई तेजी
सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो सबसे अधिक तेजी निफ्टी आईटी में 1.26 फीसदी देखने को मिली है। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 0.36 फीसदी, निफ्टी मीडिया में 0.73 फीसदी, निफ्टी मेटल में 0.11 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 0.10 फीसदी, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.26 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 0.26 फीसदी, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1.14 फीसदी, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 1.30 की तेजी देखने को मिली। इससे इतर निफ्टी केमिकल्स में 0.21 फीसदी, निफ्टी सीमेंट में 0.09 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.08 फीसदी, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.01 फीसदी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.41 फीसदी की गिरावट देखी गई।
मिडिल ईस्ट से क्या आ रही खबर?
अंतरिम पीस डील के बाद अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच हुई पहली बातचीत सुचारु रूप से आगे नहीं बढ़ सकी है। उधर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही भी धीमी पड़ गई है। ईरान ने घोषणा की है कि उसने एक बार फिर इस जलमार्ग को बंद कर दिया है। उसने आरोप लगाया कि इजराइल और अमेरिका ने अंतरिम पीस डील का उल्लंघन किया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका लेबनान में संघर्ष रोकने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रहा है। मिडिल ईस्ट में चल रही बातचीत को लेकर भले ही विरोधाभासी खबरें सामने आ रही हों, लेकिन ब्रेंट क्रूड की कीमतें अभी भी 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे ट्रेड कर रही है। बाजार का यह संकेत बताता है कि फिलहाल संघर्ष के और ज्यादा भड़कने की आशंका कम है।

