उलानबटार: विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर सोमवार को दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर मंगोलिया पहुंचे हैं। मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में जयशंकर ने अपनी मंगोलियाई समकक्ष बत्त्सेत्सेग बत्मंख से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत मंगोलिया के साथ अपने करीबी और सौहार्दपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। जयशंकर की इस यात्रा में मंगोलिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी पर जोर रहेगा।

भारत की मंगोलिया से रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने के साथ ही माइनिंग और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर नजर है। मंगोलिया से भारत को बड़े पैमाने पर फायदा हो सकता है क्योंकि यह देश यूरेनियम और सोने के बड़े भंडारों का मालिक है। चीन की मंगोलिया के संसाधनों पर निगाह रही है तो अब भारत ने भी इस ओर अपनी नजर की है। मंगोलिया की जमीन में दबा खजाना भारत की कई मोर्चों पर मदद कर सकता है।

मंगोलिया का यूरेनियम भंडार

मंगोलिया दुनिया के सबसे ज्यादा खनिज-समृद्ध देशों में है। माइनिंग सेक्टर देश की जीडीपी का एक-चौथाई हिस्सा है। वहीं निर्यात से कुल कमाई का 90 फीसदी हिस्सा आता है। देश में 80 खनिजों के 1,000 से ज्यादा भंडार हैं। इनमें तांबा, कोयला, सोना के अलावा ऊर्जा के लिए जरूरी धातुओं के विशाल भंडार शामिल हैं।

मंगोलिया में दुनिया के सबसे बड़े अविकसित यूरेनियम भंडार हैं। इसके भूवैज्ञानिक संसाधन 1,92,000 टन तक होने का अनुमान है। मंगोलिया में अभी तक यूरेनियम की कोई सक्रिय कमर्शियल खदान नहीं है लेकिन देश 2028 के आसपास बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश के जरिए उत्पादन शुरू करने की राह पर है।

मंगोलिया का तांबा और सोना

मंगोलिया में तांबा का 56 मिलियन टन से ज्यादा का भंडार है। तांबा मंगोलिया का सबसे मूल्यवान निर्यात उत्पाद है। दक्षिण गोबी क्षेत्र में ओयु तोलगोई खदान दुनिया के सबसे बड़े ज्ञात तांबा-सोना भंडारों में से एक है। मंगोलया में गैत्सुर्ट, बोरो और जामार जैसे प्रमुख भंडारों से बड़ी मात्रा में सोना निकाला जा रहा है। इसे अक्सर तांबे के साथ ही निकाला जाता है

मंगोलिया में 36 बिलियन टन कोयला है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला कोकिंग कोल भी शामिल है। मंगोलिया में महत्वपूर्ण खनिज और रेयर अर्थ (REEs) अनुमानित 3.1 मिलियन टन हैं। इसमें लिथियम और फ्लोर्सपार के बड़े भंडार हैं। मंगोलिया में यूरेनियम, जिंक और लौह अयस्क के महत्वपूर्ण भंडारों का भी सक्रिय रूप से खनन और निर्यात हो रहा है।

भारत-मंगोलिया संबंध

मंगोलिया से यूरेनियम की आपूर्ति के लिए भारत बात कर रहा है। भारत के नागरिक परमाणु कार्यक्रम के लिए ये बातचीत हो रही है। 90,000 टन से ज्यादा यूरेनियम भंडार वाला मंगोलिया वैश्विक आपूर्ति साझेदारी बनाना चाहता है, जबकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उसकी जरूरत है।

भारत ने यूरेनियम खनन और प्रोसेसिंग के लिए मंगोलिया के साथ साझेदारी का प्रस्ताव दिया है। दोनों देशों में पहले से ही दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों पर बातचीत हो रही है। भारत अपने यूरेनियम आयात में विविधता लाने के लिए काम कर रहा है। ऐसे में जयशंकर के दौरे पर इस क्षेत्र में बड़ा ऐलान होने की उम्मीद है।

दक्षिण कोरिया भी जाएंगे जयशंकर

एस जयशंकर दो देशों की यात्रा के पहले चरण में मंगोलिया पहुंचे हैं। इसके बाद वह दक्षिण कोरिया जाएंगे। जयशंकर मंगोलिया के दो दिवसीय दौरे के बाद बुधवार को दक्षिण कोरिया जाएंगे। सियोल में वह अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष चो ह्यून के साथ बातचीत करेंगे और गुरुवार को शांति और समृद्धि के लिए जेजू फोरम में मुख्य भाषण देंगे।

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