राजनांदगांव। कोविड-19 टीकाकरण शुरू होने से पहले ही जिले में राहत की स्थिति बन रही है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम की दिशा में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के प्रयासों के परिणाम स्वरूप सप्ताहभर से मरीजों की संख्या में औसतन काफी कमी आई है तथा रिकवरी रेट में भी सुधार हुआ है। इलाज के उपरांत कोरोना के अधिक से अधिक मरीज डिस्चार्ज किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जिले में कोरोना टीकाकरण की तैयारी युद्धस्तर पर की जा रही है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम व इससे बचाव के लिए राजनांदगांव शहर तथा जिलेभर में विशेष सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है। राजनांदगांव शहर तथा जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए अधिक से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। आरटीपीसीआर टेस्ट से लेकर टू-नाट तथा रैपिड एंटीजन टेस्ट बड़े पैमाने पर कराया गया है। अब तक 1.35 लाख से अधिक लोगों का रैपिड टेस्ट किया गया है। 2 लाख से अधिक लोगों का सैम्पल जांच कराया जा चुका है। साथ ही जिले में सर्दी-खांसी व बुखार समेत कोरोना संक्रमण के लक्षणों से ग्रसित मरीजों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। रिकवरी रेट 93 फीसदी के ऊपर पहुंच जाने के बाद अब कोविड सेंटरों में भी औसतन कम ही मरीज हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। इसी तरह होम आईसोलेशन सेंटरों में भी 759 मरीज ही हैं। इस बीच कोरोना संक्रमण की रोकथाम व इससे बचाव के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्य कर रहा है। आने वाले समय में संभावित कोरोना टीकाकरण के लिए भी व्यापक तैयारी चल रही है। इस क्रम में कोरोना टीकाकरण की सफलतापूर्वक माकड्रिल भी की जा चुकी है। टीकाकरण के लिए जिले में 14,000 फ्रंट लाइन वारियर्स का रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया गया है। पहले चरण में जिले में इन 14,000 वारियर्स को ही टीका लगाया जाएगा। ये सभी वारियर्स स्वास्थ्य विभाग के हैं, जो कोविड हास्पिटल से लेकर सैंपल लेने और मरीजों की देखरेख की जिम्मेदारी उठाते हैं। जिन फ्रंट लाइन वारियर्स को जिले में कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी, उन्हें 48 घंटे तक निगरानी में भी रखा जाएगा। इन वारियर्स को एक फार्म दिया जाएगा, जिसमें टीका लगने के बाद होने वाले बदलाव, शरीर के तापमान सहित दूसरे प्रतिक्रियाओं की जानकारी दर्ज करानी होगी। वहीं किसी तरह की गंभीर स्थिति के लिए एक अलग रेस्क्यू टीम भी बनाई है। इस संबंध में कलेक्टर राजनांदगांव टोपेश्वर वर्मा ने बताया, श्कोविड वैक्सीनेशन के लिए लगभग सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। 14,000 वारियर्स के वैक्सीनेशन के लिए 64 पाइंट बनाए गए हैं, जहां पोलिंग बूथ की तरह टीकाकरण का काम पूरा होगा। टीकाकरण की जिम्मेदारी संभालने वालों को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा इसकी भी माकड्रिल हो चुकी है। कोरोना वैक्सीन के लिए 54 कोल्ड चेन पाइंट बनाए गए हैं, जहां वैक्सीन को रखने का इंतजाम किया जाएगा। इन कोल्ड चेन से ही वैक्सीनेशन पाइंट पर वैक्सीन पहुंचाया जाएगा। पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दूसरे चरण की तैयारी शुरू होगी। फिलहाल दूसरे चरण के लिए गाइडलाइन नहीं आई है। वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया, स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न जागरुकता अभियान तथा कर्मचारियों के प्रयासों से जिले में रिकवरी रेट में बेहतर सुधार की स्थिति है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में औसतन कमी ही आ रही है। कोविड सेंटरों में भी कम ही मरीज भर्ती है। कई सेंटर में तो मरीज नहीं होने की स्थिति भी है, जो सभी के लिए राहत का संकेत है। उन्होंने बताया, कोविड-19 टीकाकरण के लिए पहले चरण में होने वाले सभी कामों की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
Related Posts
chhattisgarhrajya.com
ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
Important Page
© 2025 Chhattisgarhrajya.com. All Rights Reserved.
