तिरुवनंतपुरम। केरल के पांच जिलों से शिगेला संक्रमण के 15 नए मामले सामने आने के साथ ही जून में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है, जबकि इस महीने इस बीमारी से मरने वालों का आंकड़ा छह तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी। इन 15 नए मामलों में से कोझिकोड से आठ मामले सामने आये हैं, इसके बाद मलप्पुरम में तीन, वायनाड में दो और कन्नूर तथा कोल्लम में एक-एक मामला सामने आया है। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक राज्य में शिगेला संक्रमण के 241 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।
जून के महीने में कोझिकोड, मलप्पुरम और वायनाड सबसे ज्यादा प्रभावित जिले बने हुए हैं। कोझिकोड में अब तक 57 मामले, वायनाड में 22, त्रिशूर में 12 और अलाप्पुझा में तीन मामलों का आधिकारिक तौर पर पता चला है। इस महीने शिगेला संक्रमण की रिपोर्ट करने वाले अन्य जिलों में मलप्पुरम (24), तिरुवनंतपुरम (17), कन्नूर (11), कोल्लम (10), इडुक्की (तीन), एर्नाकुलम (तीन) और पलक्कड़ (तीन) शामिल हैं। इस बीच, राज्य में चल रही निपाह निगरानी के तहत कम जोखिम वाली श्रेणी में रखे गए 11 लोगों को अनिवार्य 21 दिनों की निगरानी अवधि पूरी करने के बाद छुट्टी दे दी गई।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि निपाह मरीज के संपर्क में आए किसी भी अन्य व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी है। वर्तमान में अत्यधिक जोखिम वाली श्रेणी के चार लोग और उच्च जोखिम वाली श्रेणी के 14 लोग क्वारंटाइन में हैं, जबकि कम जोखिम वाले 75 ऐसे लोगों की निगरानी की जा रही है, जो संक्रमितों के संपर्क में आए थे। निपाह का एकमात्र मरीज कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर इलाज करा रहा है।
सघन निगरानी के हिस्से के रूप में, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने रामनट्टुकारा नगरपालिका के डिवीजन पांच में 51 घरों का दौरा किया है, जहां निपाह का मामला सामने आया था। जिला नियंत्रण कक्ष को बीमारी के प्रकोप के संबंध में जानकारी और स्पष्टीकरण के लिए जनता से अब तक 91 कॉल मिल चुकी हैं। स्वास्थ्य अधिकारी निपाह संपर्क सूची में शामिल सभी लोगों से लगातार संपर्क कर रहे हैं, जबकि जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम ने अब तक 125 लोगों से संपर्क कर उन्हें काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता दी है।

