पुणे: दिल्ली में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इस सब के बीच महाराष्ट्र के सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे आरटीआई नियमों में बदलाव को लेकर नाखुश हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर नियमों में बदलाव को वापस नहीं लिया गया तो वह आंदोलन करते हुए आमरण अनशन पर बैठेंगे। अन्ना हजारे ने पांच जुलाई की तारीख तय की है। रालेगण सिद्धि से अन्ना की हुंकार पर महाराष्ट्र में सियासी पारा चढ़ सकता है। धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोले अभिजीत दीपके भी मूलरूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के रहने वाले हैं।


अन्ना के सामने इस्तीफा या फिर झुकी है सरकार

अन्ना हजारे ने अपने जीवन में 19 बड़े अनशन (भूख हड़ताल) की हैं। किए हैं। उन्होंने अपना 19वां प्रमुख अनशन वर्ष 2019 में लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग को लेकर रालेगण सिद्धि में किया था। अन्ना हजारे ने 1963 में भारतीय सेना में एक सैनिक के रूप में काम करना शुरू किया था। साल 1975 में उन्होंने स्वेच्छा से सेना की नौकरी छोड़ दी (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) और अपने गांव रालेगण सिद्धि लौटकर सामाजिक कार्यों में जुट गए।

  • 2011 (दिल्ली, जंतर-मंतर): देशव्यापी भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान जन लोकपाल विधेयक के लिए 5 अप्रैल से शुरू हुआ 4 दिनों का ऐतिहासिक अनशन।
  • 2011 (दिल्ली, रामलीला मैदान): कड़े लोकपाल कानून की मांग के लिए अगस्त में किया गया 12 दिनों (लगभग 288 घंटे) का विशाल आमरण अनशन।
  • 2003 (मुंबई, आजाद मैदान): महाराष्ट्र में सूचना का अधिकार (RTI) कानून को मजबूत करने और भ्रष्ट मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 12 दिनों की भूख हड़ताल।
  • 2018 (दिल्ली, रामलीला मैदान): किसानों की समस्याओं, कृषि उपज के लिए उचित मूल्य और लोकपाल की नियुक्ति को लेकर 6 दिनों का अनशन।
  • 2019 (रालेगण सिद्धि): केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त कानून को पूरी तरह लागू करने की मांग को लेकर 7 दिनों का अनशन।
  • जून 2026): महाराष्ट्र सरकार द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) नियमों में किए गए हालिया बदलावों के विरोध में अन्ना हजारे ने एक बार फिर 5 जुलाई 2026 से रालेगण सिद्धि में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
  • अन्ना हजारे ने कभी कोई राजनीतिक या सरकारी पद नहीं संभाला है। उनके आंदोलनों और दबाव के कारण अन्य बड़े राजनेताओं और मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा है।
  • शरद पवार (2011): भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल विधेयक पर बनी मंत्रियों के समूह से उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
  • 1990 और 2000 का दशक: महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ किए गए उनके अनशनों के कारण कई मंत्रियों को अपने पदों से हाथ धोना पड़ा था।

क्या है अन्ना हजारे की मांग?

अन्ना हजारे का कहना है कि नए नियमों से पारदर्शिता कमजोर होगी और आम नागरिकों के लिए जानकारी हासिल करना पहले से ज्यादा मुश्किल हो जाएगा। अन्ना हजारे ने खास तौर पर RTI आवेदन फीस में बढ़ोतरी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने फीस बढ़ाने के पीछे कोई ठोस तर्क या वित्तीय विश्लेषण पेश नहीं किया है। हजारे ने स्पष्ट किया कि RTI कानून का उद्देश्य सरकार के लिए राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि जनता को सूचना का अधिकार देना है। अन्ना हजारे ने ‘एक विषय, एक आवेदन’ जैसे नए नियम को भी अनावश्यक बताया।

फीस बढ़े तो जुर्माना भी बढ़ाया जाए

अन्ना हजारे ने कहा है कि यदि फीस बढ़ाई जाती है, तो जानकारी देने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर लगने वाला जुर्माना भी बढ़ाया जाना चाहिए। अन्ना हजारे को नए नियमों में आरटीआई आवेदन के साथ पहचान पत्र देना अनिवार्य किए जाने पर भी हजारे ने कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि आरटीआई एक्ट की धारा 6(2) के तहत आवेदक को अपनी निजी जानकारी या आवेदन का कारण बताने की कोई बाध्यता नहीं है। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान व्हिसलब्लोअर और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
Exit mobile version