कटक। हेवियस कार्पस मामले को अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए एक अस्त्र के तौर पर अक्सर इस्तेमाल करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। विपक्ष के ऊपर दबाव डालने के लिए इस तरह की मामले का आश्रय लिया जा रहा है।
यह बात स्पष्ट करने के साथ-साथ हाईकोर्ट आवेदनकारी पति को 50 हज़ार रूपये की जुर्माना राशि से दंडित किया है। आवेदनकारी पति लंबोदर पात्र वैवाहिक कलह के चलते घर छोड़कर चले जाने वाली पत्नी को वापस लाने के लिए इस तरह का मामला हाई कोर्ट में दर्ज किया था।
हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस हरीश टंडन और न्यायाधीश जस्टिस एम. एस रमण को लेकर गठित खंडपीठ मामले की सुनवाई के मौके पर पत्नी पति की संपत्ति नहीं है, यह कहा है। यह बात कहने के साथ-साथ आवेदनकारी की याचिका को हाईकोर्ट खारिज कर दिया है।
पत्नी की खोज के लिए HC में लगाया था गुहार
आवेदनकारी हाईकोर्ट में एक पिटीशन दर्ज करते हुए अपने पत्नी को खोज निकालने के लिए गुहार लगाया था। लेकिन मामले की सुनवाई के समय हाई कोर्ट को पता चला कि, पति-पत्नी के बीच मतभेद तथा कलह था। जिसके चलते पत्नी घर छोड़कर चली गई थी।
हाई कोर्ट ने कहा की, पत्नी सवालिक है, वह इस संबंध में खुद निर्णय ले सकेगी। इसलिए पत्नी को पति की संपत्ति नहीं कहा जा सकेगा। अगर पत्नी पति को छोड़कर जाना चाहती है तो, इस क्षेत्र में हाई कोर्ट उनके अदालत में आने के लिए या फिर उनके पति के घर पर हाजिर होने के लिए नहीं कह सकेगा।
पति-पत्नी के बीच मतभेद बढ़ने के साथ विवाद आगे जा रहा है। उस क्षेत्र में इस मामले को दर्ज करते हुए निजी स्वास्थ्य को पूरा नहीं किया जा सकता है । पत्नी अपनी मर्जी से घर छोड़कर चली गई है।
यह बात आवेदनकारी याचिका से पता चल रहा है। लेकिन आवेदनकारी ठीक उद्देश्य से अदालत को नहीं आने के चलते हाई कोर्ट उनके ऊपर 50 हज़ार रूपये की जुर्माना लगाया है। यह रकम दो सप्ताह के अंदर राज्य कानून सेवा प्राधिकरण में जमा किया जाएगा। इस राशि को बाल अपराधियों की कल्याण की क्षेत्र में निवेश किया जाएगा। यह बात हाई कोर्ट अपने आदेश में स्पष्ट किया है।

