देहरादून: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के बीच निहंगों के बवाल और गुरुद्वारे को कब्जा करने की घटना को लेकर अब भी विवाद खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। बीते 16 जून को कर्णप्रयाग में निहंग और स्थानीय व्यापारियों के बीच हुई घटना के बाद बीते 20 जून को रुद्रप्रयाग ज़िले में नगरासू गुरुद्वारे में सात निहंग सिखों ने कब्जा कर विरोध जताया।
चार दिनों तक निहंग सिखों का हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। सीएम पुष्कर सिंह धामी की पहल पर निहंग सिखों से बातचीत कर मामला सुलझा लिया। इसके बाद निहंग सिख बुलेट मोटरसाइकिलों पर सवार होकर हाथों में भाले लहराते हुए वहां से निकल गए। जिसके बाद फिर से मामले ने तूल पकड़ लिया है।
1. बीते 20 जून को रुद्रप्रयाग ज़िले में नगरासू गुरुद्वारे में कथित तौर पर सात निहंग सिखों के छत पर क़ब्ज़ा कर दिया। इस दौरान निहंगों ने एक गुरुद्वारे के कर्मचारी को भी बंधक बना लिया। जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस और प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। हालात को देखते हुए गुरुद्वारे के बाहर आईटीबीपी के जवान तैनात किए गए। इस घटनाक्रम को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि मामले का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
2. इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रशासन और निहंगों के बीच बातचीत हुई। जिसके बाद चार दिनों से चला हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार खत्म हो गया। छत पर डटे निहंग सिख बातचीत के बाद नीचे उतर आए और फिर बुलेट मोटरसाइकिलों पर सवार होकर हाथों में भाले लहराते हुए वहां से निकल गए। निहंगों के इस तरह निकलने के वीडियो सामने आए तो लोगों ने कई तरह के सवाल खड़े किए हैं, कि आखिर पुलिस प्रशासन को इस तरह निहंगे खुली चुनौती देकर केसे निकल गए। लोगों का कहना है कि चार दिन तक पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाकर गुरुद्वारे में जो तनाव की स्थिति रही, उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
3. इस घटना को 16 जून को कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद से जोड़ा गया। बताया गया कि निहंगे एक तरफा कार्रवाई से नाराज हैं। साथ ही ट्रस्ट की और से निहंगों के लिए पैरवी न करने से नाराज हैं। कर्णप्रयाग की घटना में आरोप था कि एक निहंग सिख ने दूसरे पक्ष के व्यक्ति पर तलवार से वार कर दिया। इसके बाद सिख श्रद्धालुओं के खिलाफ जान से मारने की नियत से हमला करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर चार को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस घटना में एक व्यक्ति बुरी तरह घायल है, जिसको हायर सेंटर रेफर किया गया।
4. कर्णप्रयाग में निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद से संबंधित दोनों प्राथमिकी की विवेचना हरिद्वार ट्रांसफर कर दी गई है। इसके अलावा सिख श्रद्धालुओं से मारपीट और उन्हें बिना दस्तार कोर्ट में पेश करने के आरोपों की जांच डीआईजी यशवंत सिंह को सौंपी गई है। पुलिस मुख्यालय ने उनसे दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
5. नगरासू गुरुद्वारे में चले चार दिनों के इस हाईवोल्टेल ड्रामे को लेकर गुरुद्वारे के प्रबंधन के अनुसार पंजाब से आए निहंगों ने 50 से 60 कमरों की व्यवस्था करने की मांग की थी, ताकि प्रदर्शनकारियों को ठहराया जा सके। जब प्रबंधन ने असमर्थता जताई तो निहंगों ने हंगामा शुरू कर दिया और बाद में छत पर चढ़ गए। ये निहंगे कर्णप्रयाग वाली घटना का विरोध करने के लिए कर्णप्रयाग जाने के लिए आए थे। लेकिन प्रशासन की सख्ती के बाद नगरासू गुरुद्वारे में ही कब्जा कर लिया।

