राजस्थान के कोटा शहर में कोचिंग छात्राओं की आत्महत्या की घटनाएं एक बार फिर से चिंता का विषय बन गई हैं. विज्ञान नगर थाना क्षेत्र के विज्ञान नगर फ्लाईओवर पर देर रात एक बिहार निवासी कोचिंग छात्रा ने कथित तौर पर नीचे कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया. गंभीर रूप से घायल छात्रा को नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
मृतका की पहचान जय श्री (उम्र करीब 18-20 वर्ष) पुत्री योगेश कुमार, निवासी रानीगंज, बिहार के रूप में हुई है. वह मोशन कोचिंग में JEE की तैयारी कर रही थीं और विज्ञान नगर क्षेत्र के एक हॉस्टल में रहती थी.
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रा फ्लाईओवर से अचानक कूद गई, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की और छात्रा को अस्पताल पहुंचाया. पुलिस के पहुंचने से पहले ही घटना हो चुकी थी. विज्ञान नगर थाने के एएसआई कय्यूम अली ने बताया कि पुलिस ने छात्रा के हॉस्टल कमरे की तलाशी ली, लेकिन अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. शव को मोर्चरी में रखवाया गया है. परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा.
कोटा में बढ़ती आत्महत्याएं
यह घटना कोटा में कोचिंग छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य समस्या को फिर उजागर करती है. हाल ही में दो और घटनाएं सामने आई हैं. कुछ दिन पहले कोटा में एक इंजीनियरिंग कोचिंग छात्र ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इसी महीने एक और छात्रा ने दबाव सहन न कर पाने के कारण आत्महत्या का कदम उठाया था. इन घटनाओं ने कोटा कोचिंग हब की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
कोचिंग स्टाफ और छात्रा के सहेलियों से हो रही पूछताछ
पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है. हॉस्टल मालिक, कोचिंग स्टाफ और छात्रा के सहेलियों से पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक जांच में पढ़ाई के दबाव को मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि अंतिम रिपोर्ट पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही सामने आएगी. कोटा में हर साल सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं. तीव्र प्रतिस्पर्धा, माता-पिता का दबाव और अलगाव की भावना कई छात्रों को मानसिक संकट में डाल देती है. विशेषज्ञों का कहना है कि कोचिंग संस्थानों को काउंसलिंग सिस्टम को मजबूत करना होगा.


