कोच्चि : केरल हाई कोर्ट ने तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन के 20 BJP पार्षदों की शपथ को अमान्य घोषित कर दिया, क्योंकि उन्होंने ‘भारत माता’, संगठन के शहीदों और ‘गुरुदेव’ के नाम पर शपथ ली थी। इसके कुछ दिनों बाद, अब BJP ने कन्नूर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के 19 पार्षदों के खिलाफ कदम उठाया है। पार्टी का आरोप है कि इन पार्षदों ने भी शपथ के तय कानूनी तरीके का पालन नहीं किया और ‘अल्लाह’ के नाम पर शपथ ली। बीजेपी के कन्नूर नॉर्थ जिला अध्यक्ष पी. के. विनोद कुमार ने कन्नूर जिला कलेक्टर को एक शिकायत सौंपी है। इसमें उन्होंने 19 UDF और SDPI पार्षदों द्वारा ली गई पद की शपथ को अमान्य करने की मांग की है।

इन पार्षदों पर आरोप

बीजेपी का आरोप है कि यह शपथ संविधान और ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम’ (Representation of the People Act) के प्रावधानों का उल्लंघन करती है। इस शिकायत में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के 17 पार्षदों – टी. पी. जमाल, शब्बीर कुन्हीपल्ली, सुबैर कीचेरी, मुहम्मद अली वी. के. , अरशद ए. , के. पी. ताहिर, एम. रफीक, बिस्मिल्लाह बीबी, के. टी. मुर्शिद, फस्लिम टी. पी. , शमीमा टीचर, मुहम्मद शिबिल के. के. , निसामी सी. , रिमशम थाना, शहाद एम. , सिराजुद्दीन एम. और रफ़ना सी. वी. – के साथ-साथ SDPI पार्षद समीरा के. और कांग्रेस पार्षद अजित परक्कंडी के नाम शामिल हैं।

बीजेपी का तर्क

शिकायत के अनुसार, अजित परक्कंडी को छोड़कर बाकी सभी पार्षदों ने तय कानूनी प्रारूप का पालन करने के बजाय अल्लाह के नाम पर शपथ ली। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि परक्कंडी ने न तो ईश्वर के नाम पर शपथ ली और न ही तय गंभीर प्रतिज्ञा की। बीजेपी का तर्क है कि इस वजह से, सभी 19 पार्षद संविधान द्वारा निर्धारित तरीके से शपथ लेने में विफल रहे, जिससे उनकी शपथ अमान्य हो गई।

बीजेपी नेता ने सबसे सीनियर पार्षद टी. पी. जमाल द्वारा दिलाई गई शपथ की वैधता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि जमाल, जिन्हें रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने सबसे पहले शपथ दिलाई थी, उन्होंने कथित तौर पर तय तरीके के बजाय अल्लाह के नाम पर शपथ ली। चूंकि जमाल की शपथ को ही अमान्य बताया जा रहा है, इसलिए विनोद कुमार ने तर्क दिया कि उनके द्वारा बाद में बाकी पार्षदों को दिलाई गई शपथ को भी कानूनी रूप से वैध नहीं माना जा सकता।

जिला कलेक्टर से की अपील

तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन के पार्षदों के शपथ ग्रहण पर केरल हाई कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए, शिकायत में कहा गया है कि तय शब्द ईश्वर के नाम पर या गंभीर प्रतिज्ञा के बजाय अल्लाह शब्द का इस्तेमाल करना कानूनी रूप से मान्य नहीं है। इसी आधार पर, बीजेपी ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर से मांग की है कि वे सभी 19 पार्षदों द्वारा ली गई शपथ को अमान्य घोषित करें और उन्हें कानून द्वारा तय तरीके से फिर से शपथ लेने का निर्देश दें।

बीजेपी के 20 पार्षदों का फंसा था पेच

शिकायत में कहा गया है कि पद की शपथ से जुड़े कानूनी नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। शपथ केवल उसी तरीके से दिलाई जानी चाहिए जो संविधान और ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम’ (Representation of the People Act) में तय किया गया है। कानून में शामिल न किए गए शब्दों या वाक्यांशों का इस्तेमाल एक ऐसा मामला है जिस पर जांच की जरूरत है। यह शिकायत केरल हाई कोर्ट द्वारा 24 जून को तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन के 20 बीजेपी पार्षदों और वडक्केनचेरी ग्राम पंचायत के एक सदस्य की शपथ को अमान्य घोषित करने के कुछ दिनों बाद आई है।

ओमन चांडी के नाम पर ली शपथ

पंचायत सदस्य ने पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नाम पर शपथ ली थी। जस्टिस पी. वी. कुन्हीकृष्णन ने सभी 21 चुने हुए प्रतिनिधियों को चार हफ़्ते के भीतर दोबारा शपथ लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केरल पंचायत राज अधिनियम की धारा 152 और केरल नगरपालिका अधिनियम की धारा 143 के तहत, कोई चुना हुआ सदस्य शपथ केवल “ईश्वर के नाम पर” या बिना किसी अतिरिक्त शब्द या बदलाव के, गंभीरता से पुष्टि करते हुए ही ले सकता है।

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