सोने की चमक किसे नहीं भाती? लोग जेवर खरीदने के लिए न जाने कितना पैसा पानी की तरह बहा देते हैं, लेकिन प्रकृति की एक छोटी सी चिड़िया ‘स्विफ्टलेट’ (Swiftlet) ने एक ऐसा बाजार खड़ा कर दिया है, जिसके आगे सोना भी फीका पड़ जाए. यह चिड़िया तिनकों से नहीं, बल्कि अपनी गाढ़ी लार से घोंसला बनाती है, जिसे लोग ‘सफेद सोना’ कहते हैं.
एशिया के बाजारों में इस घोंसले की मांग किसी हीरे-जवाहरात से कम नहीं है. चीन और हांगकांग जैसे देशों में जब इसका सूप बनाया जाता है, तो इसकी कीमत हजारों-लाखों में पहुंच जाती है. एक किलो शुद्ध घोंसला खरीदना किसी मध्यम वर्गीय परिवार के साल भर के बजट के बराबर हो सकता है. अमीर लोग इसे अपनी इम्यूनिटी और चमकती त्वचा का ‘सीक्रेट’ मानते हैं.
यह चिड़िया अपने घोंसले बेहद ऊंची, अंधेरी और जानलेवा गुफाओं में बनाती है. अपनी लार को चट्टानों पर चिपकाकर यह घंटों मेहनत करती है, जो सूखकर पत्थर जैसा सख्त हो जाता है. इसकी बढ़ती मांग के कारण आज अवैध तस्करी और घोंसले तोड़ने का धंधा भी तेजी से बढ़ रहा है. बढ़ती मांग ने चिड़ियों के वजूद पर भी खतरा पैदा कर दिया है.
परंपरागत चीनी दवाओं में इसे प्रोटीन और अमीनो एसिड का पावरहाउस माना जाता है. बुजुर्गों और बीमारों के लिए इसे किसी अमृत से कम नहीं समझा जाता. हालांकि, बाजार में असली की आड़ में कई नकली प्रोडक्ट भी बिक रहे हैं, जिनसे सावधान रहना जरूरी है.

