मुंबई : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में कैबिनेट मंत्री बनेंगी या फिर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव। महाराष्ट्र में शरद पवार की एनसीपी का कांग्रेस में विलय होने के बाद पार्टी के एनडीए में जाने की चर्चाओं ने राजनीति को गरमा दिया है। चर्चा है कि शरद पवार ने कांग्रेस और BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) दोनों के साथ समानांतर बातचीत शुरू कर दी है, क्योंकि उनकी पार्टी एनसीपी (एसपी) महाराष्ट्र में विपक्षी सांसदों और विधायकों को तोड़ने की कोशिशों के बीच अंदरूनी फूट का सामना कर रही है। शरद पवार के पास अभी 8 सांसद हैं। चर्चा है कि पांच सांसद एकनाथ शिंदे के साथ जा सके हैं। ऐसे में शरद पवार जल्द कोई फैसला ले सकते हैं। यह चर्चा ऐसे वक्त पर सामने आई है जब पीएम मोदी के जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव करने की चर्चा जाेरों पर है।
कैबिनेट मंत्री Vs कांग्रेस महासचिव
अगर शरद पवार एनसीपी (एसपी) के एनडीए में जाने का फैसला लेते हैं तो सुप्रिया सुले केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनेंगी। इसके साथ ही उनके सांसदों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो जाएगी। अगर शरद पवार अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करते हैं। जिसकी बातचीत होने का दावा किया जा रहा है तो सुप्रिया सुले कांग्रेस में ताकत राष्ट्रीय महासचिव की पोस्ट दी जा सकती है। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि पवार एनसीपी (एसपी) का कांग्रेस के साथ विलय तभी करने को तैयार हैं जब उनकी बेटी सुप्रिया सुले को बड़ी भूमिका दी जाए। उनकी मांगों में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पवार के किसी वफादार की नियुक्ति, सुले को राष्ट्रीय महासचिव बनाना और कांग्रेस वर्किंग कमेटी में उचित प्रतिनिधित्व शामिल है। समर्थकों का मानना है कि ऐसी डील से पार्टी में फूट रुकेगी और विपक्ष मजबूत होगा।
लोकसभा की वरिष्ठ सांसद हैं सुप्रिया सुले
- शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले अभी बारामती से लोकसभा सांसद हैं।
- सुप्रिया सुले की उम्र 57 वर्ष है। उनकी जन्मतिथि 30 जून 1969 है।
- सुप्रिया ने राजनीतिक सफर की शुरुआत राज्यसभा से की थी। वह 2006 राज्यसभा सदस्य बनी थीं।
- 2009 में वह पहली बार अपने पारिवारिक गढ़ बारामती निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी।
- इसके बाद 2014, 2019 और हाल ही में 2024 के लोकसभा चुनावों में बारामती सीट से लगातार जीत हासिल की है।
- 2024 के चुनावों में उन्होंने अपनी भाभी सुनेत्रा पवार (अजित पवार की पत्नी) को 1.55 लाख से अधिक वोटों से हराकर अपनी राजनीतिक ताकत का परिचय दिया था।
- संसद में अपनी बेहतर उपस्थिति, बहसों में सक्रिय भागीदारी और अध्ययनपूर्ण भाषणों के लिए उन्हें कई बार ‘संसद रत्न’ पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।
- सुप्रिया ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज से माइक्रोबायोलॉजी में बीएससी की डिग्री हासिल की है और इसके बाद कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (यूसी बर्कले) से जल प्रदूषण पर पढ़ाई की है।
- सुप्रिया सुले का विवाह 4 मार्च 1991 को सदानंद भालचंद्र सुले से हुआ। उनके दो बच्चे हैं। इनमें एक बेटा (विजय) और एक बेटी (रेवती) है।
- जून 2026 में उनकी बेटी रेवती का विवाह संपन्न हुआ था। इसमें देशभर की बड़ी हस्तियां पहुंची थी। राहुल गांधी भी शामिल हुए थे।
उद्धव ठाकरे की UBT की हश्र ने बढ़ाई चिंता
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेता उद्धव ठाकरे का हश्र देखकर चिंतित है। इसलिए वे पार्टी के सुनेत्रा पवार की अगुवाई वाली एनसीपी में विलय नहीं होने के बाद अब जल्द पुख्ता निर्णय के पक्ष में हैं, ताकि शरद पवार द्वारा बनाई गई नई पार्टी कम से कम सुरक्षित रहे। या फिर उसका विलय कांग्रेस में हो जाए। दावा किया कि एक ताकतवर गुट केंद्र और महाराष्ट्र में एनडीए के साथ जुड़ना चाहता है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने एक सूत्र के हवाले से लिखा है कि सुप्रिया सुले की बेटी की शादी आरएसएस से जुड़े नागपुर के एक परिवार में होने के बाद बीजेपी के साथ पर्दे के पीछे की बातचीत ने जोर पकड़ा है। बातचीत मुख्य रूप से सुले के लिए केंद्रीय कैबिनेट में जगह और पवार के वफादारों के लिए दो मंत्री पदों को लेकर हो रही है।
हाई लेवल पर चल रही है बात
महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि राज्य स्तर पर विलय को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है और पार्टी आलाकमान जो भी फैसला करेगा, वे उसे मानेंगे। कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि पवार ने मुख्य रूप से बीजेपी के साथ अपनी सौदेबाजी की स्थिति को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के साथ बातचीत शुरू की है। इसके पीछे तर्क यह है कि जब पवार कांग्रेस के साथ बातचीत करते हैं, तो सुले बीजेपी के साथ समानांतर चर्चा करती हैं। पवार परिवार दोनों तरफ से मिले प्रस्तावों का आकलन करने के बाद फैसला ले सकता है। सुप्रिया सुले अगर मोदी सरकार में मंत्री बनती हैं तो यह कांग्रेस के बड़ा झटका होगा। सुले सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों में अच्छे रिश्ते रखती हैं। महिला सांसद भी उनकी मुरीद हैं।

