बेमेतरा (वीएनएस)। जिले में किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। एग्रीस्टैक परियोजना के तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के हितग्राहियों के पंजीयन में बेमेतरा जिले ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिला प्रशासन, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, सहकारी समितियों तथा मैदानी अमले के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
जिले में एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत किसानों के पंजीयन का कार्य निरंतर गति से किया जा रहा है। अब तक 1 लाख 70 हजार से अधिक कृषकों का सफलतापूर्वक एग्रीस्टैक पंजीयन कर उनकी किसान आईडी तैयार की जा चुकी है। जिले में कुल कृषकों की संख्या लगभग 1.86 लाख है। हालांकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पात्र कृषक परिवारों को दिया जाता है, जिनकी संख्या जिले में लगभग 1.20 लाख है।
उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा धान उपार्जन के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन को अनिवार्य किया जा चुका है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पंजीयन एवं आगामी किस्तों के भुगतान के लिए भी एग्रीस्टैक किसान आईडी अनिवार्य कर दी गई है। जिन लाभार्थियों की एग्रीस्टैक आईडी नहीं बनेगी, उन्हें भविष्य में योजना की किस्त प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।
जिले में अब तक 93 प्रतिशत पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों का एग्रीस्टैक पंजीयन पूर्ण हो चुका है। इसी उत्कृष्ट उपलब्धि के कारण बेमेतरा जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंचा है।
जानकारी के अनुसार लगभग 1301 पीएम किसान लाभार्थियों के भूमि अभिलेख संयुक्त खाते में होने के कारण उनका एग्रीस्टैक पंजीयन लंबित था। ऐसे प्रकरणों में संबंधित तहसीलदारों द्वारा भू-अभिलेखों का अद्यतन कराते हुए तेजी से पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके अतिरिक्त लगभग 4195 लाभार्थियों का पंजीयन मोबाइल फोन की अनुपलब्धता, अन्य राज्यों में पलायन तथा अन्य तकनीकी एवं व्यक्तिगत कारणों से अभी शेष है। जिला प्रशासन इन सभी लाभार्थियों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण कराने के लिए विशेष अभियान चला रहा है।
जिला प्रशासन ने सभी शेष पात्र किसानों से अपील की है कि वे बिना विलंब अपने निकटतम चॉइस सेंटर, सहकारी समिति अथवा निर्धारित पंजीयन केंद्र में जाकर एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीयन कराएं, ताकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित शासन की अन्य किसान हितैषी योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त होता रहे।
अधिक जानकारी एवं आवश्यक सहयोग के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी अथवा संबंधित कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि शीघ्र ही जिले के शत-प्रतिशत पात्र किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया जाएगा।

