चमोली: इन दिनों राम मंदिर में दान चोरी का मुद्दा छाया हुआ है. इसी बीच अब विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम से भी कुछ ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दरसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पत्र तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे उत्तराखंड में हड़कंप मचा दिया है. इस वायरल पत्र में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के कर्मचारियों पर मंदिर के भीतर आने वाले दान और चढ़ावे की रकम में हेरफेर करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं. करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस धाम में कथित गड़बड़ी की खबर फैलते ही तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय हक-हकूकधारियों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में उबाल आ गया है. स्थानीय लोगों और पुरोहितों का साफ कहना है कि इस पूरे मामले की दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए और जो भी दोषी हो, उस पर सख्त कार्रवाई की जाए.

डिमरी पंचायत और विपक्ष के अपने-अपने दावे
इस पूरे विवाद पर केंद्रीय डिमरी पंचायत के सचिव भास्कर डिमरी का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के पत्र अक्सर वायरल होते रहते हैं, जिससे धाम की छवि को खराब करने की कोशिश की जाती है. लेकिन, चूंकि यह मामला आस्था से जुड़ा है और पत्र वायरल हुआ है, इसलिए सरकार और मंदिर समिति को इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच जरूर करनी चाहिए ताकि सच सबके सामने आ सके.

सीसीटीवी में कुछ साफ नहीं, जांच कमेटी बैठी
इस पूरे मामले पर जब न्यूज-18 ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ से फोन पर बात की, तो उन्होंने बताया कि फिलहाल सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए हैं, लेकिन उनमें कुछ भी स्पष्ट या साफ दिखाई नहीं दे रहा है. इसके बावजूद विभाग की तरफ से जांच शुरू कर दी गई है और सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है. अब देखने वाली बात यह होगी कि इतने बड़े धाम के अंदर से इस विभागीय जांच की रिपोर्ट में आखिर क्या सच बाहर निकलकर आता है.

तो वहीं दूसरी तरफ, सोशल मीडिया पर यह मामला उछलते ही विपक्ष को भी बैठे-बिठाए सरकार को घेरने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है. कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में लंबे समय से अनियमितताएं चल रही हैं. समिति के बोर्ड पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं और इसके बावजूद सरकार ने ऐसे लोगों को वहां बैठा रखा है जो अब दान के पैसों में हेरफेर कर रहे हैं. कांग्रेस ने मांग की है कि धामी सरकार को इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और गंभीर जांच करानी चाहिए.

कर्मचारी महासंघ भी उतरा मैदान में, कहा- ‘दोषी हो तो दर्ज हो FIR’
चढ़ावे में हेरफेर के आरोपों के बाद अब BKTC कर्मचारी महासंघ भी पूरी तरह मैदान में उतर आया है. कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजेंद्र बिष्ट ने समिति के अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर मांग की है कि इन गड़बड़ी के आरोपों की बिल्कुल निष्पक्ष और समय पर जांच पूरी की जाए.

विजेंद्र बिष्ट ने कहा कि मंदिर समिति की गरिमा और लोगों का भरोसा बचाए रखने के लिए सच का सामने आना बहुत जरूरी है. अगर जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर यह आरोप झूठे निकलते हैं, तो बिना वजह धाम और कर्मचारियों की छवि खराब करने वाले शरारती तत्वों पर भी सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए.

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
Exit mobile version