करौंदा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. इसमें मौजूद विटामिन-सी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, जिससे मौसमी संक्रमण और सर्दी-जुकाम का खतरा कम हो सकता है. बारिश के मौसम में इसका सेवन शरीर को संक्रमण से बचाने में सहायक माना जाता है.
बरसात के मौसम में बाजारों में आसानी से मिलने वाला करौंदा स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद फल माना जाता है. इसका खट्टा-मीठा स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है. करौंदे का उपयोग अचार, चटनी, मुरब्बा और सब्जी बनाने में किया जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह पोषक तत्वों से भरपूर सुपरफूड भी है. इसमें विटामिन-सी, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं.
दरअसल रायबरेली जिले के राजकीय आयुष चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर स्मिता श्रीवास्तव (बी ए एम एस लखनऊ विश्वविद्यालय) लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि जुलाई से अगस्त के महीने में पाया जाने वाला करौंदा फल हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. क्योंकि इसमें कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारी सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं.
करौंदा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. इसमें मौजूद विटामिन-सी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, जिससे मौसमी संक्रमण और सर्दी-जुकाम का खतरा कम हो सकता है. बारिश के मौसम में इसका सेवन शरीर को संक्रमण से बचाने में सहायक माना जाता है.
करौंदा पाचन तंत्र के लिए भी लाभदायक है. इसमें मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को कम करने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है. नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन पेट को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है. यह फल खून की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. करौंदे में आयरन पाया जाता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है. हालांकि, यदि किसी को गंभीर एनीमिया है, तो इलाज और आहार के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
करौंदे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं. इससे त्वचा की सेहत बेहतर बनी रह सकती है और समय से पहले उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करने में सहायता मिल सकती है. इसके अलावा इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों और दांतों के लिए भी लाभकारी माना जाता है.
अगर आप वजन नियंत्रित रखना चाहते हैं, तो करौंदा एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है. हालांकि, किसी भी चीज की तरह करौंदे का भी सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए. अधिक मात्रा में खाने से कुछ लोगों को पेट में जलन या एसिडिटी की समस्या हो सकती है.
स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि यदि आपको कोई गंभीर बीमारी है या आप नियमित दवाएं लेते हैं, तो इसे अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा. संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ करौंदे को अपनी डाइट में शामिल करके इसके पौष्टिक गुणों का लाभ उठाया जा सकता है.

