राजस्थान के कोटा शहर में रविवार (5 जुलाई) को एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया. अनंतपुरा थाना इलाके की बरड़ा बस्ती में दोपहर के वक्त 33 केवी हाईटेंशन लाइन का इंसुलेटर तेज धमाके के साथ टूट गया. देखते ही देखते करंट आसपास के मकानों, दीवारों और लोहे के सामान में फैल गया. इस हादसे में एक 30 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन बच्चों समेत नौ लोग बुरी तरह झुलस गए. मौके पर दो गायों की भी मौत हो गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक जोरदार धमाका सुनाई दिया. इसके तुरंत बाद लोगों को घरों की दीवारों, दरवाजों और लोहे के सामान में तेज करंट महसूस होने लगा. बस्ती में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागने लगे. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. तुरंत इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर हालात पर काबू पाया गया.
एक की मौत, 9 लोग अस्पताल में भर्ती
अनंतपुरा थाना प्रभारी रमेश कविया ने बताया कि बरड़ा बस्ती में दो मकानों के ऊपर से 33 केवी हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी. इंसुलेटर टूटने से करंट सीधे इन दोनों मकानों में फैल गया. हादसे में 30 वर्षीय सलमा की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं अर्शील, अफाक, इशाक बेग, नशवीन, जोया, आलिया, सीमा, अयोध्या बाई और भूरी बाई को गंभीर हालत में न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
आंखों देखा हाल: ‘तड़प रहे थे लोग’
हादसे में घायल हुए इरशाद ने बताया कि छुट्टी होने की वजह से वह घर पर ही थे. बाहर शोर सुनकर निकले तो देखा कि पत्नी, पोता और पोती करंट की चपेट में आकर तड़प रहे हैं. उन्हें बचाने की कोशिश में इरशाद भी घायल हो गए.
पड़ोस में रहने वाली घायल सीमा कंवर ने बताया, “धमाका सुनकर जैसे ही मैं बाहर आई, देखा कि पड़ोस की एक महिला करंट की चपेट में आकर खंभे से चिपकी हुई है. मोहल्ले के लोग उसे बचाने दौड़े, लेकिन तब तक कई अन्य लोग भी करंट की जद में आ चुके थे.”
जांच में जुटा प्रशासन
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बारिश के मौसम में कभी-कभी इंसुलेटर क्षतिग्रस्त होने से ‘अर्थ फॉल्ट’ की स्थिति बन जाती है. तकनीकी टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद हालात को सामान्य किया. फिलहाल पुलिस और बिजली विभाग संयुक्त रूप से हादसे के असल कारणों की जांच कर रहे हैं. इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं तकनीकी लापरवाही या रखरखाव में कमी तो इस घटना की वजह नहीं है. स्थानीय लोगों ने अब बस्ती से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित करने की मांग तेज कर दी है.

