कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों ने दो से ज्यादा बार शादी की है, या जिन्होंने अपने बच्चों को टीका लगवाने से मना किया है, या जो सरकारी स्कूल छोड़कर कुछ खास धार्मिक शिक्षण संस्थानों में भर्ती हुए हैं, या जो नागरिक नहीं हैं, वे राज्य की किसी भी सामाजिक कल्याण योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। उत्तरी बंगाल में वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने यह आदेश दिए। सीएम ने कहा कि ये लाभ केवल सचमुच पात्र और ज़रूरतमंद लोगों के लिए हैं। किसी भी गैर-भारतीय को ये लाभ नहीं मिलेंगे। जिन्होंने तीन बार शादी की है, वे पात्र नहीं होंगे।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जो लोग सरकारी या आपातकालीन टीकाकरण से इनकार करते हैं, उन्हें भी बाहर रखा जाएगा। इसी तरह, जो लोग सरकारी स्कूल छोड़कर कुछ खास धार्मिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें भत्ता नहीं मिलेगा।
सीएम ने पहले भी दिया था अल्टिमेटम
यह पहली बार नहीं है जब अधिकारी ने इन शर्तों का जिक्र किया है। 9 मई को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद कई जनसभाओं में उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि लोग सरकार के स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी नियमों का पालन करने से इनकार करते हुए भी राज्य से वित्तीय सहायता कैसे ले सकते हैं।
अन्नपूर्णा योजना शुरू
1 जुलाई को अपनी सरकार की प्रमुख अन्नपूर्णा योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा के दौरान, मुख्यमंत्री ने फिर से कहा था कि जो भी परिवार या अभिभावक अपने बच्चों को अनिवार्य सरकारी टीके लगवाने से इनकार करते हैं या इसमें लापरवाही बरतते हैं, उन्हें अयोग्य माना जाएगा।
11 पन्नों का अन्नपूर्णा योजना फॉर्म
11 पन्नों वाले अन्नपूर्णा योजना फॉर्म के 8वें पन्ने पर आवेदकों को चार बच्चों तक के टीकाकरण की स्थिति बतानी होती है और स्कूल के प्रकार (सरकारी सहायता प्राप्त, निजी या मदरसा) का विवरण देना होता है। इसके अलावा, फॉर्म में परिवार के मुखिया को उन मौजूदा योजनाओं की सूची देनी होती है जिनसे उन्हें पैसे मिलते हैं।
बंगाल में टीके को लेकर हिचकिचाहट राष्ट्रीय औसत से कम है, और कुल टीकाकरण दर 92.3% से 99.4% के बीच है। राज्य का सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचा वितरण प्रणाली में मुख्य भूमिका निभाता है और 96.3% से 99.1% बच्चों को टीके लगाता है। केंद्र के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत यूनिवर्सल इम्यूनाइज़ेशन प्रोग्राम (सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम) 12 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए मुफ्त टीके उपलब्ध कराता है।

