देहरादून : एनएचएआई ने उत्तराखंड में भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना (एनएच-07) पर काम शुरू कर दिया है। लगभग 20 किलोमीटर लंबी यह परियोजना 743 करोड़ की अनुमानित लागत से हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत बनाई जा रही है। प्रस्तावित राजमार्ग में हाथियों के सुरक्षित आवागमन के लिए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे 5 एलीफेंट कोरिडोर बनेंगे।
दावा है कि इस परियोजना से देहरादून, जॉलीग्रांट एयरपोर्ट और ऋषिकेश के बीच दूरी कम हो जाएगी। माना जा रहा है कि देहरादून से ऋषिकेश 30 मिनट में सफर पूरा हो जाएगा। हालांकि प्रोजेक्ट के तहत पेड़ों को भी काटा जा रहा है, जिसको लेकर सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है।
प्रतिदिन 18,456 गाड़ियां दौड़ रही
बताया गया कि वन क्षेत्र से गुजरने वाले मौजूदा दो-लेन मार्ग पर प्रतिदिन लगभग 18,456 गाड़ियां दौड़ रही हैं, जो लगभग 15,088 पैसेंजर कार यूनिट है। इस रूट पर चार धाम यात्रा के साथ ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट से आने जाने वाले लोग भी सफर करते हैं। जो कि भविष्य में ट्रैफिक के लिहाज से नई चुनौतियों को खड़ा कर सकता है। जिससे जाम और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। ऐसे में इस मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है।
754 पेड़ों को ट्रांसप्लांटेशन
पर्यावरण पर प्रभाव को न्यूनतम रखने के उद्देश्य से एनएचएआई ने परियोजना के डिजाइन में कई महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग संशोधन किए हैं। सामान्यतः राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए 60 मीटर राइट ऑफ वे निर्धारित होता है, लेकिन वन क्षेत्र में इसे घटाकर केवल 23 मीटर रखा गया है। इससे राजमार्ग की सुरक्षा संबंधी मानकों से समझौता किए बिना पेड़ों की कटाई को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI) द्वारा किए गए वैज्ञानिक आकलन के आधार पर 754 पेड़ों को ट्रांसप्लांटेशन के लिए चिन्हित किया गया है। इनका प्रतिरोपण आगामी मानसून के दौरान किया जाएगा।
परियोजना की खास बातें
- 1 ब्रिज-कम-एलीफेंट अंडरपास
- 4 समर्पित एलीफेंट अंडरपास
- ग्रीन गाइड हेज
- साउंड बैरियर
- एंटी-ग्लेयर स्क्रीन
- वन्यजीव चेतावनी संकेतक
- गति नियंत्रण (स्पीड कैल्मिंग) उपाय
- निर्धारित ‘नो हॉर्न’ जोन
फोर-लेन सड़क परियोजना का विरोध भी शुरू
एलीफेंट कॉरिडोर से होकर प्रस्तावित ऋषिकेश–भानियावाला फोर-लेन सड़क परियोजना का विरोध भी शुरू हो गया है। समाजसेवी और वरिष्ठजनों ने पर्यावरण, कानून और जनसुरक्षा से जुड़े गंभीर सवालों को लेकर इसे निरस्त करने की मांग की है। एसडीसी के संस्थापक अनूप नौटियाल ने नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया तथा उत्तराखंड सरकार से पारिस्थितिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील एलीफेंट कॉरिडोर से होकर गुजरने वाली प्रस्तावित ऋषिकेश–भानियावाला फोर-लेन सड़क परियोजना पर पुनर्विचार करते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है। अनूप नौटियाल ने प्रश्न उठाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पहली बार मानसून के दौरान बड़े पैमाने पर वृक्ष कटान क्यों शुरू किया। नागरिकों का कहना है कि अगर काम को नहीं रोका गया तो आंदोलन भी तेज किया जाएगा।


