महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किया गया है। उसने फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश किया था। इसी मामले में रॉयल ओमान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि सौरभ चंद्राकर पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर की गई है, जिसे भारतीय जांच एजेंसियों के अनुरोध पर जारी किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार उसे वापस लाने की प्रक्रिया में जुट गई है। इसके लिए ओमान सरकार से प्रत्यर्पण (भारत भेजने) की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। फिलहाल सौरभ चंद्राकर को मस्कट के अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। उसने अपनी तरफ से केस लड़ने के लिए वकीलों की टीम भी रखी है। वहीं, ओमान में फर्जी पासपोर्ट और अवैध तरीके से प्रवेश करने के मामले की जांच जारी है।
भिलाई का रहने वाला है सौरभ चंद्राकर
सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है l चंद्राकर भिलाई में जूस फैक्ट्री नाम से दूकान चलाता था l साल 2017 में ऑनलाइन सट्टा कारोबार शुरू किया था l इसके बाद साल 2019 में दुबई जाकर ऑनलाइन सट्टे के कारोबार को तेज़ी से आगे बढ़ाया l चंद्राकर पर साल 2021 IPL में 2000 करोड़ से ज्यादा का सट्टा. खिलाने का भी आरोप है. इसी पैसे से उसने करोड़ो की संपत्ति बनाई थीं. ED ने इस मामले में अब तक 4336 करोड़ की संपत्ति जब्त की है. चंद्राकर साल 2019 से फरार चल रहा था. वह 5 हज़ार करोड़ की बेटिंग का आरोपी है.
भारत प्रत्यर्पण में आ सकती है कानूनी अड़चन
मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चंद्राकर ने CCF में सुनवाई के दौरान ही UAE छोड़ दिया था. अधिकारीयों का मानना है की ओमान में फर्ज़ी पासपोर्ट के जरिए प्रवेश करना एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिससे की भारत प्रत्यर्पण में देरी की जा सके. दरअसल ओमान में फर्ज़ी पासपोर्ट से एंट्री करना एक गंभीर अपराध माना जाता है. इसमें करीब 3 से 5 साल तक की कैद हो सकती है.


