नई दिल्ली: मॉनसून अब लगभग सभी राज्यों तक पहुंच गया है. दिल्ली-एनसीआर से लेकर महाराष्ट्र तक झमाझम बारिश हो रही है. ज्यादा बारिश के कारण जगह-जगह पानी भर गया है. ऐसे में एक सबसे बड़ी समस्या सांपों की भी होती है. सूखे और गर्मियों के दिनों में बिल में छिपकर बैठे सांप बारिश होते ही बाहर निकल आते हैं. 

बारिश के मौसम में कई सारे सांप बिलों से निकल आते हैं. इनमें से कुछ खतरनाक होते हैं. लेकिन कुछ ऐसे सांप भी होते हैं जो खतरनाक हो सकते हैं. ऐसे में जानते हैं मॉनसूनी सीजन में निकलने वाले कुछ खतरनाक सांपों के बारे में और ये भी जानेंगे कि उनकी पहचान कैसे कर सकते हैं.

किन सांपों से है खतरा?

इंडियन कोबरा

मशहूर भारतीय सांपों में से एक इंडियन कोबरा बहुत जहरीला होता है. काटने से नर्वस सिस्टम पर असर पड़ सकता है. तुरंत इलाज न मिलने पर जान भी जा सकती है.

  • पहचान: फन फैलाता है.
  • कहां दिखता है: खेतों, नालों, झाड़ियों और घरों के आसपास.
  • खतरा: इसका जहर नसों पर असर करता है और सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकता है.

2. कॉमन क्रेट

एशिया के सबसे खतरनाक सांपों में से एक है. इसके काटने पर दर्द नहीं होता, इसलिए पता ही नहीं चल पाता कि सांप ने काट लिया है. इसका जहर नर्वस सिस्टम पर असर डालता है, जिससे लकवा हो सकता है.

  • पहचान: काला या गहरा नीला शरीर, पतली सफेद धारियां.
  • कहां दिखता है: रात में घरों, आंगनों और गांवों में घुस सकता है.
  • खतरा: इसके जहर से लकवा मार सकता है या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है.

3. रसेल वाइपर

इस सांप का शरीर मोटा या भारी होता है. खतरा महसूस होने पर तेज फुफकार मारता है. इसमें बहुत जहर होता है. रसेल वाइपर के काटने पर इंटरनल ब्लीडिंग और किडनी को नुकसान पहुंच सकता है. कई बार मौत भी हो सकती है.

  • पहचान: मोटा और भारी शरीर. 
  • कहां दिखता है: खेतों और झाड़ियों में. गांव में घरों में भी आ जाता है.
  • खतरा: बहुत जहरीला होता है. काटने पर इंटरनल ब्लीडिंग शुरू हो जाती है.

4. सॉ-स्केल्ड वाइपर

इसके शरीर के साइड में आरी जैसी खुरदुरी स्केल्स यानी छिलके होते हैं. ये स्केल्स तिरछे लगे होते हैं, बिल्कुल आरी के दांतों की तरह, इसलिए इसे ‘सॉ-स्केल्ड वाइपर’ कहा जाता है. यह तेज और चिड़चिड़े स्वभाव का होता है. खतरा महसूस होने पर कुंडली मारकर बैठ जाता है.

  • पहचान: आकार में छोटा और शरीर पर टेढ़े-मेढ़े निशान.
  • कहां दिखता है: सूखी जगहों या खेतों में दिखता है.
  • खतरा: काटने पर ब्लड क्लॉटिंग और किडनी डैमेज हो सकती है. जहर जानलेवा भी हो सकता है.

सांप के काटने से हर दिन कितनी मौतें?

भारत में सांप काटने के जितने मामले आते हैं, उनमें से 90% मामलों में यही 4 सांप शामिल होते हैं, जिनके बारे में ऊपर बताया गया है. 

केंद्र सरकार के मुताबिक, इंडियन कोबरा, कॉमन क्रेट, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर के खिलाफ एंटी-स्नेक वेनम (ASV) का इस्तेमाल 80% मामलों में असरदार होता है. 

भारत में हर साल सांप के काटने के 30 से 40 लाख मामलों में लगभग 50 हजार लोगों की मौत हो जाती है. ये दुनियाभर में सांप के काटने से होने वाली कुल मौतों का आधा हिस्सा है. 

जहरीला सांप काटता है तो जहर पूरे शरीर में फैलने लगता है और ऐसी स्थिति में जान जा सकती है. अगर समय पर और सही इलाज न मिले तो मौत हो सकती है या फिर लकवा मार सकता है. समय पर अस्पताल पहुंचने से मौतों और लकवे से बचा जा सकता है.

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