भुवनेश्वर : ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा 16 जुलाई से शुरू होगी। इससे पहले ओडिशा के बाहर होने वाली इस्कॉन की रथयात्राओं पर विवाद शुरु हो गया है। कई शहरों में रथयात्रा श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति की ओर जारी तिथि से अलग तारीख पर निकाली जा रही है। इस पर पुरी के राजा गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब ने आपत्ति जताई है। महाराजा गजपति मंदिर के लिए फैसले लेने वाली सबसे बड़ी संस्था श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (SJTMC) के अध्यक्ष भी हैं। महाराजा दिव्यसिंह देब ने इस्कॉन पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि से ही होगी रथयात्रा
रथयात्रा पर विवाद तब शुरू हुआ, जब जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति ने देश और विदेश के कई शहरों में अलग-अलग तिथियों में रथयात्रा होने पर आपत्ति जताई। जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने बताया कि जगन्नाथ रथ यात्रा केवल हिंदू कैलेंडर के आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि से शुरू होने वाले नौ दिनों के दौरान ही आयोजित की जानी चाहिए। दूसरी ओर इस्कॉन (मुंबई) ने जवाब दिया कि वह साल भर रथ यात्राएं आयोजित करना चाहता है। यात्रा की तिथियों को लेकर उसकी श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के साथ बातचीत हमेशा के लिए खत्म हो गई है।
महाराजा दिब्यसिंह देब बोले, इस्कॉन को जवाब देंगे
महाराजा दिब्यसिंह देब ने कहा कि मुंबई में इस्कॉन की जुहू शाखा की ओर जारी प्रेस विज्ञप्ति में झूठी और बेबुनियाद जानकारी दी गई है। जगन्नाथ पुरी और इस्कॉन के विद्वानों के बीच पुरी में श्री नाहर (महल) में चर्चा और बहस हुई थी। इस्कॉन अब पूरी तरह से मनगढ़ंत कहानी फैला रहा है कि पुरी के विद्वान बहस हार गए। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन गलत समय पर रथ यात्रा के मामले में कड़ा जवाब देगा। उन्होंने कहा कि समिति की ओर से इस्कॉन की सर्वोच्च संस्था गवर्निंग बॉडी कमीशन को गलत समय पर रथ यात्राएं आयोजित करने और नियमों का उल्लंघन करने के बारे में बताया गया था।
ओडिशा इस्कॉन की रथयात्रा भी 16 जुलाई को
इस विवाद पर इस्कॉन की ओडिशा इकाई के क्षेत्रीय सचिव बनमाली दास ने बताया कि ओडिशा इस्कॉन की ओर से अगर गजपति महाराज को दुख पहुंचा है तो हम दिल से माफी मांगते हैं। हम उनका बहुत सम्मान करते हैं। ओडिशा में हम पुरी की परंपरा के अनुसार रथ यात्रा निकालते हैं और तय तारीखों और तिथियों से कभी नहीं भटकते। उन्होंने बताया कि विदेश में जो हो रहा है, उस पर ओडिशा इस्कॉन का कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि हम पूरे भारत में खास दिनों पर स्नान यात्रा और रथ यात्रा निकालते हैं। इस बार यूएई में भी रथ यात्रा 16 जुलाई को निकाली जाएगी।

