देश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अगर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) का नया प्रस्ताव लागू हो जाता है, तो अब बिना पूरी तैयारी के किसी भी मेडिकल कॉलेज को मंजूरी नहीं मिलेगी। यानी अधूरे अस्पताल, निर्माणाधीन भवन या अस्थायी व्यवस्था के आधार पर मेडिकल कॉलेज शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा मेडिकल छात्रों और मरीजों को मिलेगा। कॉलेज शुरू होते ही उन्हें बेहतर अस्पताल, आधुनिक सुविधाएं और व्यवस्थित पढ़ाई का माहौल मिलेगा।

NMC ने जारी किया नए नियमों का ड्राफ्ट

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) ने मेडिकल संस्थानों की स्थापना, नए पाठ्यक्रम, सीट वृद्धि, मूल्यांकन एवं रेटिंग (संशोधन) विनियम-2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। आयोग ने इस मसौदे पर 30 दिनों के अंदर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद अंतिम नियम लागू किए जाएंगे।

अब आवेदन से पहले पूरी करनी होगी सभी तैयारियां

अभी तक कई संस्थान अस्पताल या मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा होने से पहले ही आवेदन कर देते थे। लेकिन प्रस्तावित नियमों के मुताबिक अब ऐसा नहीं हो सकेगा। नए नियम लागू होने के बाद आवेदन करते समय मेडिकल कॉलेज की इमारत, अस्पताल और अन्य सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह तैयार होना अनिवार्य होगा। किसी भी तरह की अस्थायी व्यवस्था या निर्माणाधीन परियोजना को मंजूरी के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अधूरे आवेदन होंगे सीधे खारिज

NMC आवेदन प्रक्रिया को भी पहले से ज्यादा सख्त बनाने जा रहा है। अगर कोई मेडिकल कॉलेज जरूरी दस्तावेजों के बिना आवेदन करता है, तो उसे अतिरिक्त मौका दिए बिना सीधे खारिज किया जा सकता है। इसका मतलब है कि अब अधूरी तैयारी या अधूरे दस्तावेजों के साथ मेडिकल कॉलेज खोलने की कोशिश करने वाले संस्थानों के लिए मंजूरी हासिल करना आसान नहीं होगा।

सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए कॉर्पस फंड होगा जरूरी

प्रस्तावित नियम सिर्फ नए मेडिकल कॉलेजों पर ही नहीं, बल्कि पहले से संचालित मेडिकल कॉलेजों पर भी लागू होंगे। हर मेडिकल कॉलेज को एक समर्पित कॉर्पस फंड बनाकर रखना होगा। यह फंड केवल मेडिकल कॉलेज के संचालन और जरूरी खर्चों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी न्यूनतम राशि मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) तय करेगा। जरूरत पड़ने पर कॉलेजों को इस फंड का प्रमाण भी देना होगा।

स्टूडेंट्स और मरीजों को क्या होगा फायदा?

अगर ये नियम लागू होते हैं, तो मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है। कॉलेज शुरू होने के पहले ही सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे स्टूडेंट्स को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिलेगा और मरीजों को शुरुआत से ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही, कॉर्पस फंड की व्यवस्था से यह भी सुनिश्चित होगा कि आर्थिक तंगी की वजह से मेडिकल शिक्षा और इलाज की सुविधाओं पर कोई असर न पड़े।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
Exit mobile version