बेंगलुरु : कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर में 65 साल की एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह कोर्ट रूम के अंदर काले जादू की रस्म करते हुए CCTV में कैद हुई। माना जा रहा है कि उसने ऐसा एक चल रहे सिविल केस के नतीजे को प्रभावित करने की कोशिश में किया। आरोपी महिला की पहचान चिक्काबल्लापुर शहर के वलसन्ना बीड़ी की रहने वाली मंजुला के तौर पर हुई है। आरोप है कि वह कोर्ट परिसर में दाखिल हुई और ‘फर्स्ट एडिशनल सीनियर सिविल जज और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास’ (JMFC) के आसन पर अभिमंत्रित सफेद सरसों के दाने छिड़के।
यह अजीब घटना तब सामने आई जब कोर्ट के अंदर लगे CCTV कैमरों ने इस हरकत को रिकॉर्ड कर लिया। बाद में कोर्ट के अधिकारियों ने फुटेज देखी और पुलिस को सूचना दी। चीफ़ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर नेत्रा की शिकायत पर, चिक्काबल्लापुर टाउन पुलिस ने मंजुला के खिलाफ ‘कर्नाटक अमानवीय कुप्रथाओं और काले जादू की रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम, 2017’ के तहत मामला दर्ज किया।
कोर्ट में चल रहा है सिविल विवाद
पुलिस ने बताया कि यह घटना गिरफ्तारी से दो दिन पहले हुई थी। जांच करने वालों को शक है कि महिला ने यह अनुष्ठान इस भरोसे के साथ किया था कि इससे एक सिविल विवाद में अदालती कार्यवाही पर असर पड़ सकता है, जिसमें वह कथित तौर पर शामिल थी। गिरफ्तारी के बाद, मंजुला को अदालत में पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अधिकारी अब उन हालात की जांच कर रहे हैं जिनकी वजह से यह घटना हुई और यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इसमें कोई और भी शामिल था। पुलिस इस कथित अनुष्ठान के पीछे के असली मकसद और सिविल केस से इसके संबंध की भी जांच कर रही है।
2017 में लागू ‘कर्नाटक अमानवीय कुप्रथाओं और काले जादू की रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम’ के तहत शोषणकारी, अंधविश्वासी या हानिकारक मानी जाने वाली कई प्रथाओं पर रोक लगाई गई है। साथ ही, ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देने या उनमें शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है। यह घटना अपनी अनोखी प्रकृति के कारण चर्चा में रही है, जिसमें आरोपियों की पहचान करने और उनका पता लगाने में CCTV फुटेज ने अहम भूमिका निभाई है।

