कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बांग्लादेशियों और रोहिंग्या की भारत में घुसपैठ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत गुरुवार को चार राज्यों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाके भी शामिल हैं। अवैध घुसपैठ के नेटवर्क पर ईडी ने पश्चिम बंगाल के मदरसे से 40 लाख रुपये कैश और 180 ग्राम सोने के सिक्के बरामद बरामद किए हैं। यह बरामदगी पश्चिम बंगाल के हरोरा स्थित अल-जामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम, खलीलकापुर में सर्च के दौरान मिली है। देर शाम तक ईडी की कार्रवाई जारी थी।
अधिकारियों ने बताया कि संघीय एजेंसी विशेषतौर पर एक ऐसे गिरोह की गतिविधियों की जांच कर रही है जो विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत लोक परमार्थ न्यास के जरिये काम करता है और इसे ब्रिटेन की कुछ संस्थाओं से चंदा मिला था।
जांच में बड़ा खुलासा
उन्होंने बताया कि एटीएस की जांच में ‘एक जटिल’ वित्तीय नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसमें कुछ परमार्थ न्यास और संस्थाएं शामिल हैं, जिनपर कथित तौर पर विदेशी चंदा प्राप्त करने और अवैध गतिविधियों को संचालित करने में मदद के लिए कई बैंक खातों, बिचौलियों के खातों और जटिल लेनदेन के जरिये राशि स्थानांतरित करने का आरोप है।
ईडी ने जताई आशंका
ईडी को आशंका है कि संदिग्ध लोगों को भारत में बसने में मदद करने के लिए छह हजार, आठ हजार और 10 हजार रुपये की छोटी-छोटी किस्तों में पैसे अंतरित किए गए। अधिकारियों का दावा है कि धनशोधन के जरिये जुटाए गए पैसे का मुख्य इस्तेमाल घुसपैठियों के आर्थिक पुनर्वास के लिए किया गया, ताकि उन्हें भारत में स्थायी रूप से बसाया जा सके। ईडी को आशंका है कि पश्चिम बंगाल के कुछ सीमावर्ती जिलों में एक समूह रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को भारत में घुसपैठ करने में मदद कर रहा था।

