श्री अनुराग सिंह देव, माननीय अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसरंचना विकास मण्डल ने बताया कि विगत डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसरंचना विकास मण्डल द्वारा लगातार मण्डल के कार्यों के प्रगति गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में मण्डल के कार्यरत् सभी ठेकेदारों से चर्चा हेतु एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलो से 50 से अधिक ठेकेदारों ने भाग लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मण्डल के कार्य क्षेत्र के विस्तार, घर निर्माण के साथ नगर विकास योजनाएं, रि-डेव्हलपमेंट योजना, सड़क, पुल-पुलिया का निर्माण जैसी बड़ी योजनाओं के मण्डल द्वारा कियान्वयन की जानकारी देना व उसके सुचारू संपादन के लिए सुझाव आमंत्रण किया गया।
अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मण्डल के अधिकारियों एवं ठेकेदारों को यह विशेष रूप से ध्यान रखना होगा कि हितग्राहियों के घर निर्माण में उसकी गुणवत्ता निर्धारित मापदण्ड के अनुसार उसी स्तर की होना चाहिए जिस स्तर पर आप अपने स्वयं के घर के निर्माण के समय ध्यान रखते है।

अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ एवं माननीय आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण के कार्यो को विस्तारित करते हुए गृह निर्माण के साथ अधोसंरचना विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भी मण्डल को दी गई है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसरंचना विकास मण्डल के कार्यों के सुचारू कियान्वयन के लिए निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदारों की प्रतिभागिता और अधिक बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने सभी उपस्थित ठेकेदारों से अपील किया कि, मण्डल द्वारा इनहाउस योजनाएं, PPP आधार पर रि-डेव्हलपमेंट योजनाएं एवं BOT के माध्यम भी योजनाएं संचालित की जा रही है। मण्डल अपनी सुदृढ़ वित्तीय स्थिति एवं तकनीकी दक्षता के साथ इन योजनाओं के कियान्वयन की महति भूमिका का निर्वहन कर रहा है। उन्होंने कहा की ठेकेदार मण्डल की निर्माण एजेंसी होने के कारण उसका हिस्सा है। अतः सभी ठेकेदार इन कार्यो में अपनी सहभागिता पहले से और अधिक निभाने तैयार रहे।
आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने कहा कि ठेकेदारों के साथ यह बैंठक मुख्यतः तीन विषयों पर आधारित है :-
- निर्माण कार्यो की गुणवत्ता ।
- निर्माण कार्यो की समय-सीमा में पूर्ण किया जाना ।
- ठेकेदारों के देयकों का समय-सीमा में भुगतान किया जाना ।
आयुक्त ने कहा कि उपस्थित सभी इंजीनियर एवं ठेकेदार का यह दायित्व है कि वे उन्हें आबंटित कार्यो की गुणवत्ता निर्धारित मापदण्डों के व कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो। उन्होंने कहा कि कार्यों के संचालन में ठेकेदारों को जो भी कार्य स्थल पर वाजिब समस्या है उनका निराकरण तत्काल किया जाए एवं आवश्यकतानुसार मुख्यालय से मार्ग दर्शन भी लिया जा सकता है। आयुक्त ने भूमि के चयन, ले-आउट प्लान, प्राक्कलनों का तैयार किया जाना एवं निविदा प्रपत्र तैयार करने संबंधित उपस्थित ठेकेदारों से प्राप्त सुझावों पर सभी अपर आयुक्त, उपायुक्त एवं कार्यपालन अभियंता को, इनके परीक्षण व कार्यवाही हेतु आवश्यक निर्देश दिये है। उन्होंने ठेकेदारों के सभी प्रकार के देयकों के त्वरित भुगतान के लिए लेखा एवं तकनीकी शाखा के अधिकारियों को चेक लिस्ट जारी करते हुए भुगतान प्रक्रिया को त्वरित व सुगम बनाने के निर्देश दिए।