भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर राजस्थान के बालोतरा जिले के एक छोटे से गांव की गलियों से निकलकर एक लड़का जब अपनी मेहनत के दम पर देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी पास करता है, तो इतिहास बनना तय होता है. कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है 2017 बैच के IAS अधिकारी गंगा सिंह राजपुरोहित ने. मात्र 23 साल की उम्र में हिंदी माध्यम से UPSC क्रैक करने वाले गंगा सिंह ने गुजरात के नर्मदा जिले के जिला कलेक्टर का पदभार संभालते ही नया कीर्तिमान रच दिया. वे वर्तमान में गुजरात के सबसे युवा DM हैं.
गुजरात में साल 2017 का बैच सबसे युवा
बता दें कि गुजरात कैडर में वर्तमान में 2017 बैच के 9 आईएएस अधिकारी कार्यरत हैं. इनमें से 7 बैचमेट विभिन्न जिलों में कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि शेष दो अन्य पदों पर कार्यरत हैं. वर्ष 2017 बैच गुजरात में वर्तमान में कार्यरत्त सबसे युवा कलेक्टर्स का बैच है, और इनमें सबसे कम 32 वर्ष की उम्र गंगा सिंह राजपुरोहित की ही है.
बालोतरा के डंडाली गांव में जन्मे गंगा सिंह राजपुरोहित
गुजरात के सबसे युवा जिला कलेक्टर IAS गंगा सिंह राजपुरोहित बताते हैं कि वे राजस्थान के सीमावर्ती इलाके से आते हैं. भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे नए जिले बालोतरा की सिणधरी तहसील के डंडाली गांव में 5 मई 1994 को उनका जन्म हुआ था. करीब 2000 की आबादी वाला गांव डंडाली जिला मुख्यालय बालोतरा से लगभग 45 किलोमीटर दूर है. गंगा सिंंह राजपुरोहित ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2016 में ऑल इंडिया स्तर पर 33वीं रैंक हासिल की थी. यह संघ लोक सेवा आयोग में उनका दूसरा प्रयास था.
23 की उम्र में हिंदी माध्यम से सफलता
गंगा सिंह राजपुरोहित ने बताया कि उन्होंने महज 23 साल की उम्र में ही हिंदी माध्यम से UPSC की परीक्षा पास कर ली थी. इस परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय भी हिंदी साहित्य ही था, जबकि उनके पास B.Sc. की डिग्री है. गंगा सिंह की शुरुआती शिक्षा उनके पैतृक गांव डंडाली के सरकारी स्कूल में हुई. उन्होंने 10वीं कक्षा में 76% अंक प्राप्त कर स्कूल में टॉप किया. इसके बाद 12वीं की पढ़ाई जालोर से पूरी की, जहाँ 83% अंकों के साथ वे स्कूल टॉपर रहे और पूरे जिले में छठा स्थान हासिल किया.
B.Sc. के दौरान दादा जी से मिली प्रेरणा
कॉलेज की पढ़ाई के लिए गंगा सिंह जोधपुर आ गए और जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से वर्ष 2014 में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के साथ 76% अंकों से B.Sc. पूरा किया. कॉलेज के दिनों में उनके माता-पिता और विशेष रूप से उनके दादा जी ने उन्हें सिविल सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया. स्नातक के अंतिम वर्ष में ही उन्होंने NCERT की किताबों और सिविल सेवा पत्रिकाओं से बुनियादी तैयारी शुरू कर दी थी.
इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से ‘हिंदी साहित्य’ में MA किया. UPSC में वैकल्पिक विषय के रूप में ‘हिंदी साहित्य’ चुनकर उन्होंने मुख्य परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया. गंगा सिंह ने सिविल सेवा परीक्षा 2016 में कुल 1061 अंक प्राप्त किए. मुख्य परीक्षा के लिखित भाग में उन्हें 889 अंक और साक्षात्कार में 172 अंक मिले. इसमें निबंध के पेपर में 157 अंक तथा हिंदी साहित्य के दो प्रश्नपत्रों में क्रमशः 156 और 159 अंक शामिल हैं.

