शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का राजनीतिक भविष्य तब चर्चा में आ गया जब राकांपा के दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के साथ अलग-अलग बैठकें कीं, जिससे संभावित राजनीतिक पुनर्गठन की नई अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, शरद पवार अगले परिसीमन अभ्यास को संचालित करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार के विवादास्पद विधेयक का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। 

यदि पुष्टि हो जाती है, तो यह कदम विपक्ष के संयुक्त रुख से एक अलग राह होगा। इस बीच, राकांपा (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले ने अटकलों की पुष्टि करने से इंकार कर दिया लेकिन संकेत दिया कि विधेयक पर गुट का रुख इसके अंतिम रूप और स्वरूप पर निर्भर करेगा। सरकार 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के दौरान संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश करने की उम्मीद कर रही है।

कांग्रेस विधेयकों का विरोध करेगी : कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह ने पार्टी की रणनीति पर चर्चा करने के लिए सी.पी.पी. अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ एक रणनीतिक बैठक की और पार्टी मानसून सत्र के दौरान संसद में राम मंदिर दान चोरी, इथेनॉल-मिश्रित ईंधन, प्रश्न पत्र लीक, बढ़ती तेल कीमतें और भारत-अमरीका व्यापार सौदे जैसे मुद्दों को उठाएगी। पार्टी ने यह भी घोषणा की कि वह परिसीमन और मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों को हटाने पर प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयकों, साथ ही सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले कई अन्य कानूनों का कड़ा विरोध करेगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य वरिष्ठ सांसदों ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में भाग लिया। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उन दलों के साथ समन्वय कर रहा है जिन्होंने 17 अप्रैल को लोकसभा में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक को हराने के लिए एक साथ मतदान किया था। इंडिया गुट 20 जुलाई को एक संयुक्त रणनीति बैठक आयोजित करने वाला है, जबकि सरकार ने 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। 

ममता को झटके पर झटका : तृणमूल कांग्रेस (टी.एम.सी.) में बढ़ते दलबदल के बीच, पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी छोडऩे की योजना बना रहे नेताओं से कहा कि वे 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली से पहले ऐसा कर लें, प्रस्थान से संगठन किसी भी तरह से कमजोर नहीं होगा। दूसरी ओर, जानी-मानी अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया, जिससे तृणमूल कांग्रेस की संसदीय ताकत को एक और झटका लगा। इसके तुरंत बाद, कोयल ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से उनके आवास पर मुलाकात की, जिससे उनके अगले कदम को लेकर अटकलें तेज हो गईं। यह मोड़ तब आया है जब ममता के विश्वसनीय सहयोगी और वरिष्ठ तृणमूल विधायक मदन मित्रा, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विद्रोही तृणमूल खेमे में शामिल हो गए। इस बीच, ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी राजनीतिक पारी समाप्त करने से कोसों दूर हैं, ‘कोरबो, लोरबो, बचबो’ (मैं लड़ूंगी और जीवित रहूंगी)। 

कांग्रेस ने भी की प्रधान के इस्तीफे की मांग : सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए, कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को वांगचुक से मुलाकात की और असंवेदनशील केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध की भाषा को न समझने का आरोप लगाया। पिछले तीन हफ्तों में, ‘आप’, सपा, शिवसेना (यू.बी.टी.), टी.एम.सी., भाकपा, भाकपा (माले)-लिबरेशन और राजद सहित कई दलों ने आंदोलन का समर्थन किया है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी की नेता डिंपल यादव ने विरोध स्थल पर वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। 

पंजाब में चन्नी खेमे की मांगें बरकरार : पंजाब कांग्रेस में गंभीर और मजबूत गुटीय कलह के बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पंजाब के पूर्व सी.एम. चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात नहीं की। जबकि कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने चन्नी, सुखजिंदर रंधावा, राणा गुरजीत सिंह, विजय इंदर सिंगला और परगट सिंह से अलग-अलग मुलाकात की। हालांकि, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पंजाब के प्रभारी कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल इस चिंता में हैं कि दबाव में पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वङ्क्षडग़ को बदलने से गलत संदेश जाएगा। नेतृत्व यह भी समझ रहा है कि राज्य इकाई के भीतर मौजूदा जातीय संतुलन को ध्यान में रखा जाए, जिसमें वङ्क्षडग़ जाट सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं और चन्नी एक प्रमुख दलित चेहरा हैं। इस बीच, चन्नी और रंधावा ने बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है और इन संकेतों के बावजूद कि पार्टी नेतृत्व राज्य इकाई प्रमुख में बदलाव पर विचार नहीं कर रहा है, चन्नी खेमे ने अपनी मांगें जारी रखीं, जिससे पंजाब कांग्रेस के भीतर व्यापक दरार को लेकर अटकलें तेज हो गईं।-राहिल नोरा चोपड़ा

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
Exit mobile version