CJP Protest at Jantar-Mantar : कॉकरोच जनता पार्टी का संसद चलो मार्च शुरू हो गया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ बेकाबू हो गई। लोगों ने आगे बढ़ने के लिए बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद वहां पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। भीड़ को भगाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया है। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो सोमवार को अपने पति की गैरमौजूदगी में ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल हुईं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और शिक्षा के मुद्दे पर ध्यान बनाए रखने की अपील की। अंगमो ने कहा कि हम इस मार्च पर ध्यान देंगे। आज तीन बातें बहुत ज़रूरी हैं। पहली, हम मार्च को शांति से करने पर ध्यान देंगे। आइए हम इस मुद्दे पर ध्यान दें – शिक्षा का मुद्दा, जो इस देश के लिए एक बहुत ज़रूरी ज़रूरत है और हम सतर्क रहें।
सीजेपी प्रवक्ता ने क्या कहा?
मार्च से पहले सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बड़ा दावा किया है। दास ने कहा कि संगठन अपनी लंबे समय से लंबित परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर सरकार से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वार्ता की पहल काफी देर से की है, लेकिन संगठन समाधान के लिए खुले मन से बातचीत करना चाहता है। समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए सीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत शुरू करने की कोशिश तो हुई है, लेकिन अब तक किसी तरह की स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा कि अब गेंद सरकार के पाले में है।
लोकसभा सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने सोमवार को कहा कि वह जंतर-मंतर पर युवाओं की आवाज बनने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि एक भारतीय युवा होने के नाते मैं युवाओं का दर्द समझता हूँ। मैं यहां उनकी आवाज बनने और उनके साथ खड़ा होने के लिए आया हूं। उनके साथ अन्याय हो रहा है। सरकार ऐसा होने दे रही है।
शिवसेना यूबीटी ने क्या कहा?
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों को संसद तक मार्च निकालने की इजाजत नहीं दी जाती है तो मार्च को प्रवर्तन निदेशालय या फिर सुप्रीम कोर्ट की ओर ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों ने देश को काफी नुकसान पहुंचाया है।

