ब्रिटेन में किएर स्टार्मर के प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद नवनिर्वाचित पीएम एंडी बर्नहैम ने सोमवार को अपने नए कैबिनेट का एलान किया। इसमें लेबर पार्टी ने कई अनुभवी सांसदों को मौका दिया। दो भारतवंशियों को भी बर्नहैम कैबिनेट में जगह मिली है। इनमें बिहार में जन्मे कनिष्क नारायण और पश्चिम बंगाल से वास्ता रखने वाली लीजा नंदी शामिल रहीं।
भारत के तकनीकी विशेषज्ञों का डंका अमेरिका से लेकर यूरोप तक बोलता रहा है। अब इसमें एक और सितारा जुड़ गया है। नाम है- कनिष्क नारायण। दरअसल, ब्रिटेन में नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने अपने नए कैबिनेट के चेहरों का सोमवार को खुलासा किया। इनमें भारत से जुड़े दो चेहरों को शामिल किया गया है। एक नाम कनिष्क नारायण और दूसरा नाम लीजा नंदी का। जहां कनिष्क को ब्रिटेन में नवगठित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मामलों का मंत्रालय सौंपा गया है, वहीं लीजा को संस्कृति मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।
इन दोनों चेहरों का ही भारत से जुड़ाव रहा है। जहां लीजा पश्चिम बंगाल से नाता रखती हैं तो वहीं कनिष्क बिहार से। दोनों ही नेता दूसरी पीढ़ी के भारतवंशी हैं। यानी इनके पिता का जन्म भारत में ही हुआ था।
1. कनिष्क नारायण
कनिष्क नारायण ब्रिटेन में एक प्रमुख भारतीय मूल के नेता हैं। उन्हें वेल्स के पहले जातीय अल्पसंख्यक सांसद होने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त है।
शिक्षा
उन्होंने कैथेस हाई स्कूल से पढ़ाई करने के बाद, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र (पीपीई) में बीए और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री (एमबीए) हासिल की है।
पेशेवर अनुभव
- राजनीति में कदम रखने से पहले, उन्होंने अमेरिका की सिलिकॉन वैली और ब्रिटेन में ग्लोबल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम किया है।
- वह निवेश बैंक लजॉर्ड में काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने ब्रिटिश कंपनियों और वित्त मंत्रालय के सलाहकार के तौर पर काम किया।
- 2012 में उन्होंने अटेन वेल्स नाम के एक नॉन-प्रॉफिट संस्था की सह-स्थापना की थी, जो युवाओं की शिक्षा मुहैया कराने पर केंद्रित था।
राजनीतिक सफर
- लेबर पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर 2024 के आम चुनावों में उन्हें वेल ऑफ ग्लैमरगन सीट से जीत मिली। उनकी जीत की वजह से 14 साल बाद यह सीट कंजर्वेटिव पार्टी से लेबर पार्टी के पास लौटी।
- जुलाई 2024 से सितंबर 2025 के बीच उन्होंने पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों के विभाग में संसदीय निजी सचिव के रूप में कार्य किया।
- सितंबर 2025 में किएर स्टार्मर के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में उन्हें विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी मंत्रालय में एआई और ऑनलाइन सुरक्षा के लिए जूनियर मंत्री बनाया गया।
- जुलाई 2026 में नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने उन्हें पदोन्नत करते हुए एआई मामलों का कैबिनेट राज्य मंत्री बना दिया। यह पहली बार है जब ब्रिटेन में एआई मंत्री की भूमिका को कैबिनेट का दर्जा दिया गया है।
कनिष्क नारायण का मानना है कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीतिक शक्ति के लिए एआई बेहद अहम है। हालांकि, वे एआई के कारण नौकरियों के नुकसान जैसी चिंताओं को भी समझते हैं और मानते हैं कि इस तकनीक के साथ आने वाले बदलाव निष्पक्ष होने चाहिए, जिसके लिए सरकार को श्रमिकों के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
भारत से इनका क्या जुड़ाव?
कनिष्क नारायण का जन्म भारत में बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ था। उन्होंने अपने बचपन के शुरुआती साल भारत में ही बिताए। कनिष्क के दादा कृष्ण कुमार और दादी वीणा देवी कई साल पहले मुजफ्फरपुर में बस गए थे। कृष्ण कुमार मुजफ्फरपुर जिला बोर्ड के अध्यक्ष और एसकेजे लॉ कॉलेज के संस्थापक थे। कनिष्क के पिता संतोष कुमार और मां चेतना सिन्हा एसकेजे लॉ कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली चले गए। ऐसे में तीसरी कक्षा तक मुज्जफरपुर में पढ़े कनिष्क की आगे की पढ़ाई दिल्ली के एपीजे स्कूल से हुई।
बाद में 12 वर्ष की उम्र में उनके माता-पिता भारत से ब्रिटेन के वेल्स स्थित कार्डिफ में बस गया। कनिष्क की आगे की जिंदगी इसके बाद ब्रिटेन में ही बीती। कनिष्क के परिवाक का एक बड़ा हिस्सा अभी मुजफ्फरपुर में ही रहता है। उनके चाचा जयंत कुमार, एसकेजे लॉ कॉलेज के निदेशक हैं।
2. लीजा नंदी
लीजा नंदी ब्रिटेन की एक प्रमुख भारतीय मूल की नेता हैं, जो ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के मंत्रिमंडल में संस्कृति मंत्री नियुक्त की गई हैं।
शिक्षा
उन्होंने न्यूकैसल यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में पढ़ाई की और बाद में लंदन की बिर्कबेक यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री हासिल की।
शुरुआती करियर
राजनीति में आने से पहले उन्होंने बेघर लोगों के लिए काम करने वाली संस्था सेंटरप्वाइंट और द चिल्ड्रन सोसाइटी में वरिष्ठ नीति सलाहकार के रूप में काम किया।
राजनीतिक सफर
- लीजा ने 2006 से 2010 तक हैमरस्मिथ और फुलहम में लेबर पार्टी से पार्षद के रूप में काम किया। 2010 के आम चुनावों में वह लेबर पार्टी की ओर से विगन क्षेत्र से सांसद चुनी गईं।
- इस जीत के साथ ही वह इस क्षेत्र की पहली महिला और पहली एशियाई सांसद बनीं, जहां लेबर पार्टी का पिछले 100 से अधिक वर्षों से कब्जा रहा है।

