मसूरी : पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। एक ओर मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास भारी भूस्खलन से सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, वहीं दूसरी ओर जेपी बैंड क्षेत्र में देर रात हुए मलबा प्रवाह ने कई परिवारों की जिंदगी को मुश्किल में डाल दी है।
रविवार देर रात हुई तेज बारिश के दौरान जेपी बैंड के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर नीचे आ गए। यह मलबा सीधे पीडब्ल्यूडी आवासों तक पहुंच गया, जिससे कई कमरों और घरों में मलबा घुस गया। घरों में रखा फर्नीचर, बिस्तर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े और दैनिक उपयोग की वस्तुएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
घर में मलबा घुसने से अफरा-तफरी
जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान एक ही परिवार के पांच बच्चे और दंपति घर के अंदर मौजूद थे। अचानक घर में मलबा घुसने से अफरा-तफरी मच गई। परिवार के सदस्यों ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कुछ मिनट और देरी हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
निर्माण कार्यों पर लगे गंभीर आरोप
पीड़ित परिवारों ने इस घटना के लिए क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि घरों के ऊपर बड़े पैमाने पर निर्माण किया जा रहा है और निर्माणकर्ताओं द्वारा निकाला गया मलबा जंगलों, ढलानों और प्राकृतिक नालों में डाला गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायत की गई, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान यही मलबा नालों के साथ बहकर नीचे आया और सीधे आवासीय क्षेत्र में घुस गया, जिससे भारी नुकसान हुआ। लोगों ने मांग की है कि निर्माण स्थलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय सभासद शिवानी भारती मौके पर पहुंचीं और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जेपी बैंड के ऊपर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान मलबा वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित नहीं किया गया, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
सभासद ने कहा कि वह दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगी। साथ ही प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं घटना का संज्ञान लेते हुए नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी और एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने भी अपनी टीम को मौके पर भेजा। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि पीड़ितों को हर संभव राहत और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
लगातार बारिश से बढ़ा खतरा
मसूरी में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पानी वाले बैंड पर सड़क धंसने और अब जेपी बैंड क्षेत्र में हुए नुकसान ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण और मलबा निस्तारण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई, ढलानों की सुरक्षा और निर्माण गतिविधियों की निगरानी नहीं की गई तो आने वाले दिनों में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। फिलहाल प्रभावित परिवार प्रशासन से राहत, मुआवजे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

