- संसद भवन में बेटी सुप्रिया के साथ पीएम मोदी से मिले शरद पवार
- शरद पवार-पीएम मोदी की तस्वीरों से मची बड़ी सियासी हलचल
- परिसीमन मुद्दे पर NCP (एसपी) के सपोर्ट करने की है अटकलें
मुंबई: संसद के मॉनसून सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे शरद पवार ने बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने शरद पवार का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस मौके पर सुप्रिया सुले भी उनके साथ रहीं। हाथ में कुल कागज लेकर पहुंचे शरद पवार ने पीएम माेदी को कुछ पत्र भी सौंपे। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई? अभी इसका ब्योरा सामने नहीं आया है, लेकिन शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने राजनीति को गरमा दिया है। एक दिन पहले शरद पवार जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में पहुंचे थे। उन्होंने अभिजीत दिपके से मुलाकात की थी। यह मुलाकात संसद भवन में हुई।
PM मोदी से मिलते रहे हैं शरद पवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के बीच रिश्ते राजनीतिक रूप से बेहद जटिल और उतार-चढ़ाव से भरे रहे हैं। दोनों नेताओं के संबंध निजी तौर पर बेहद सौहार्दपूर्ण और आदरपूर्ण हैं, लेकिन चुनावी राजनीति के मंच पर दोनों एक-दूसरे पर तीखे हमले करने से नहीं चूकते।
- बारामती में थी तारीफ: पीएम मोदी ने 2015 में बारामती के एक दौरे के दौरान सार्वजनिक रूप से शरद पवार के लंबे राजनीतिक अनुभव की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि पवार ने राजनीति के शुरुआती दिनों में उनका हाथ पकड़कर चलना सिखाया था।
- पद्म विभूषण सम्मान: वैचारिक मतभेदों के बावजूद मोदी सरकार ने 2017 में शरद पवार को देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा था।
- पीएम मोदी से सीधा संपर्क: शरद पवार देश के उन चुनिंदा विपक्षी नेताओं में गिने जाते हैं, जिनका प्रधानमंत्री से सीधा संपर्क है। वे राष्ट्रीय मुद्दों या महाराष्ट्र के प्रशासनिक संकटों पर अक्सर पीएम मोदी से वन-टू-वन मुलाकात करते हैं।
चुनाव में हुआ था वार और पलटवार
साल 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान पीएम मोदी ने शरद पवार की NCP को ‘नेचुरली करप्ट पार्टी’ करार दिया था और जनता से ‘चाचा-भतीजा’ (शरद पवार और अजीत पवार) की जोड़ी को उखाड़ फेंकने की अपील की थी। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान पीएम मोदी ने शरद पवार का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘भटकती आत्मा’ कहा था, जो राजनीतिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाती है। तब शरद पवार भी मोदी सरकार की नीतियों की लगातार आलोचना करते आए हैं। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से करते हुए देश में डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया था। इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से करने पर भी आपत्ति जताई थी।
NDA में जाने की लग रही हैं अटकलें
संसद के मानसून सत्र के दौरान शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तस्वीरें काफी कुछ कह रही हैं। इस मुलाकात की हंसती-मुस्कुराती तस्वीरों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। दरअसल परिसीमन बिल पर बीजेपी को एनसीपी (SP) के 8 सांसदों का समर्थन चाहिए। इस मुलाकात को उससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। सुप्रिया सुले ने सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी की लिखित गारंटी मिलने पर इस बिल को सशर्त समर्थन देने के संकेत दिए हैं। हालांकि सुप्रिया सुले ने एनडीए में शामिल होने या किसी भी तरह के विलय के प्रस्तावों को खारिज किया है। ऐसे में शरद पवार के अगले कदम पर सस्पेंस है।

