गुवाहाटी: असम सरकार ने विधानसभा में बताया कि पिछले 10 वर्षों के दौरान राज्य से कुल 2089 अवैध घुसपैठियों को उनके देशों में वापस भेजा गया। इनमें सबसे अधिक 2023 लोग बांग्लादेश के नागरिक थे। सरकार ने कहा कि अवैध घुसपैठ पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और सीमा सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर इस अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। असम समझौते के जुड़े मंत्री अतुल बोरा ने कांग्रेस विधायक अब्दुर रहीम अहमद के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से लेकर 30 जून 2026 तक राज्य से कुल 2089 अवैध विदेशियों को उनके देशों में वापस भेजा गया ।
सरकार ने जारी किए आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश के 2,023 नागरिकों के अलावा 39 लोगों को म्यांमार और 18 लोगों को नाइजीरिया भेजा गया। इसके अतिरिक्त दो-दो लोगों को अफगानिस्तान, यूक्रेन और रूस वापस भेजा गया। वहीं पाकिस्तान, केन्या और युगांडा के एक-एक नागरिक को भी उनके देश भेजा गया। मंत्री ने बताया कि इस अवधि में वर्ष 2025 अवैध विदेशियों के खिलाफ कार्रवाई के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण रहा। उस वर्ष कुल 1,811 लोगों को वापस भेजा गया, जिनमें नाइजीरिया के एक नागरिक को छोड़कर सभी बांग्लादेशी थे। यह पिछले एक दशक में किसी एक वर्ष में की गई सबसे बड़ी निष्कासन कार्रवाई मानी जा रही है।
कार्रवाई अभी भी जारी
सरकार के अनुसार, मौजूदा वर्ष 2026 में भी कार्रवाई लगातार जारी है। 30 जून तक कुल 263 अवैध विदेशियों को वापस भेजा जा चुका है। इनमें 261 लोग बांग्लादेश के नागरिक हैं, जबकि दो लोग रूस के नागरिक बताए गए हैं। यह पिछले 10 वर्षों में किसी एक वर्ष के पहले छह महीनों में दर्ज की गई दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। असम सरकार का कहना है कि राज्य में अवैध प्रवासियों की पहचान, सत्यापन और निर्वासन की प्रक्रिया कानून के अनुसार जारी रहेगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकने और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार तथा संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

