कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े देशभर में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर सुनियोजित तरीके से दुष्प्रचार फैलाने वालों पर महाराष्ट्र साइबर ने बड़ा शिकंजा कसा है. साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक नैरेटिव सेट करने वाले 500 से अधिक प्रोफाइल्स की पहचान की है. महाराष्ट्र साइबर के एडीजी (ADG) यशस्वी यादव ने बताया कि जांच में एक बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है. इन फेक अकाउंट्स में से कई भारत के बाहर विशेष रूप से पाकिस्तान, मलेशिया और कुछ मध्य-पूर्वी देशों से संचालित किए जा रहे थे.
CJP प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक कंटेंट की निगरानी के लिए विशेष अभियान चलाया गया. इस जांच में ओएसिंट (OSINT), मेटाडाटा विश्लेषण और फोरेंसिक जांच का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई अहम खुलासे हुए. जांच के दौरान इंस्टाग्राम, X (ट्विटर), फेसबुक और यूट्यूब पर सैकड़ों भ्रामक पोस्ट पकड़े गए. तकनीकी जांच में पाया गया कि लगभग 100 अकाउंट पूरी तरह से भारत के बाहर से संचालित हो रहे थे, जिनका मकसद देश की कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना था. 140 से अधिक पोस्ट और प्रोफाइल में एआई (Artificial Intelligence) से बनी सामग्री का इस्तेमाल किया गया था.
केंद्रीय मंत्री का फेक वीडियो भी आया सामने
महाराष्ट्र साइबर की अत्याधुनिक ऑडियो-वीडियो फोरेंसिक जांच में एक केंद्रीय मंत्री से जुड़ा AI जनित वीडियो और ऑडियो भी पकड़ा गया. फोरेंसिक विश्लेषण में साबित हुआ कि वीडियो का ऑडियो ट्रैक 100% सिंथेटिक (क्लोन की गई आवाज) था. वहीं, वीडियो विश्लेषण में 82% हेरफेर की पुष्टि हुई, जिसमें चेहरे के हाव-भाव बदलने (Facial Reenactment) के संकेत मिले.
जल्द दर्ज होगी FIR, भेजा जाएगा लीगल नोटिस
ADG यशस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जल्द ही एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी. जिन लोगों ने भी इन अकाउंट्स का इस्तेमाल कर देश में भ्रम फैलाने की कोशिश की है, उन्हें लीगल नोटिस भेजा जाएगा. साथ ही, महाराष्ट्र साइबर ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें. विभाग ने इंटरनेट यूजर्स को “Pause, Verify and Share Responsibly” (रुकें, जांचें और जिम्मेदारी से साझा करें) का संदेश दिया है.

