30 जुलाई को दुगली में राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन

रायपुर | छत्तीसगढ़ शासन के वन विभाग के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा प्रदेश के किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से औषधीय और सुगंधित पौधों (Aromatic Plants) की खेती को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में 30 जुलाई को धमतरी जिले के ग्राम दुगली में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वन मंत्री केदार कश्यप एवं बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम के कर-कमलों से नारायणपुर (अबूझमाड़) और धमतरी जिले के औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों तथा स्व-सहायता समूहों को 54 लाख 36 हजार रुपये की अग्रिम प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जाएगा।

बिना कर्ज और बिना डर के खेती: कंपनियों से हुआ शत-प्रतिशत बायबैक अनुबंध

यह अग्रिम राशि बोर्ड द्वारा अनुबंधित निजी संस्थाओं—सीजी स्टीविया और इंस्टा हर्बल—द्वारा प्रदान की जा रही है। इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को खेती की शुरुआत करने के लिए अपनी जेब से पैसा लगाने या कहीं से कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। किसान इस राशि का उपयोग बोर खनन, पंप व पाइप खरीदी, जुताई, रोपाई और निंदाई जैसे कार्यों में कर सकेंगे। इसके साथ ही अनुबंधित संस्थाएं खेती के बाद पूरी उपज खरीदने की गारंटी (बायबैक) भी दे रही हैं, जिससे किसानों को बाजार में फसल बेचने की चिंता से मुक्ति मिलेगी

तीन सफल मॉडल: क्लस्टर, व्यक्तिगत और स्व-सहायता समूह

बोर्ड द्वारा इस योजना को तीन प्रमुख मॉडलों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। क्लस्टर मॉडल में किसी मुख्य गांव के आसपास के 1-2 किलोमीटर के दायरे में बड़े पैमाने पर खेती कराई जाती है, जिससे परिवहन और बिक्री आसान होती है। वहीं, स्व-सहायता समूहों द्वारा पंचायत व अन्य अनुपयोगी भूमि का उपयोग करके खेती की जा रही है, जिसका सफल उदाहरण धमतरी में महानदी के किनारे खस (Khas) की खेती है। इसके अलावा, बोर्ड किसानों को निःशुल्क पौधे, प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण की सुविधाएं भी दे रहा है

अबूझमाड़ और धमतरी में लहलहाएंगी ब्राह्मी, खस और लेमनग्रास की फसलें

योजना के तहत नारायणपुर के किहकाड़ सहित अन्य 5 गांवों के 25 किसान कुल 31.5 एकड़ में ब्राह्मी, बच और खस की खेती कर रहे हैं, जिन्हें 1.83 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। दूसरी ओर, धमतरी जिले के ग्राम आमदी में 18 किसान 40 एकड़ में लेमनग्रास (राशि 10.70 लाख रुपये), 9 गांवों के 22 व्यक्तिगत किसान (राशि 2.93 लाख रुपये) तथा 25 गांवों के 45 स्व-सहायता समूह 115 एकड़ में (राशि 38.89 लाख रुपये) ब्राह्मी, शतावर और खस की खेती कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। यह पहल राज्य के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के आर्थिक सशक्तिकरण में एक नया अध्याय लिखेगी।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
Exit mobile version