कोलकाता। पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद उसकी गर्लफ्रेंड को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार कर लिया है। बर्दवान अदालत ने अर्पिता को 13 दिनों के लिए एसटीएफ की हिरासत में भेज दिया है।
हमीम की गर्लफ्रेंड अर्पिता पर अपने प्रेमी और जैश के संदिग्ध गुर्गे मोहम्मद हमीम मंडल के साथ मिलकर जैश-ए-मोहम्मद और आईएसआई समर्थित मॉड्यूल के निर्देशों पर काम करने, वीआईपी नेताओं की निगरानी करने और एक प्रभावशाली मंत्री के बेटे को हनी-ट्रैप में फंसाने में मदद करने का गंभीर आरोप है।
कैसे हुई अर्पिता की गिरफ्तारी?
दरअसल, हमीम मंडल की गिरफ्तारी के ठीक एक दिन बाद उसकी गर्लफ्रेंड अर्पिता की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने अर्पिता और हमीम के बीच हुई इंस्टाग्राम चैट के आधार पर यह गिरफ्तारी की है।
एसटीएफ के एक अधिकारी ने कहा, “उसने हमीम को प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों से संपर्क बनाने और उनकी जानकारी इकट्ठा करने में मदद की। हम डिजिटल सबूतों की जांच कर रहे हैं और उसकी भूमिका की सटीक प्रकृति का पता लगा रहे हैं।”
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने यह भी बताया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध करीब चार साल पुराना है, जिसकी शुरुआत इंस्टाग्राम पर हुई थी। लेकिन वे पाकिस्तानी आतंकी संगठन के संचालकों के साथ कुछ ही महीनों से संपर्क में थे।
एसटीएफ आईजी गौरव शर्मा के अनुसार, हमीम मंडल ने हाल ही में अर्पिता सरकार को इस इस मॉड्यूल में शामिल किया था, जिसके बाद वह पाकिस्तान स्थित अपने हैंडलर्स से सीधे आदेश लेने लगी। हमीम के निर्देशों पर अर्पिता बंगाल के एक मंत्री के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाने में पूरी तरह से शामिल थी।
अर्पिता सरकार कौन है?
22 साल की अर्पिता सरकार झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा की रहने वाली हैं। उसके नाना-नानी कोलकाता में रहते हैं। अर्पिता बरहरवा के बीएसके कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स ग्रेजुएट है। अर्पिता एक उभरती हुई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है। जिसका इंस्टाग्राम फीड पूरी तरह से मोटरसाइकिल राइड और ट्रैवल रील्स से भरा हुआ है।
वह दिन में इंस्टाग्राम पर जहां रील बनाकर डालती है, वहीं रात में बड़ी राजनीतिक हस्तियों को हनीट्रैप का शिकार बनाने में लग जाती है।
एसटीएफ आईजी गौरव शर्मा ने कहा, “जांच अभी शुरुआती दौर में है और आने वाले दिनों में और भी लोगों की गिरफ्तारी होने की संभावना है।” उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एलिमेंट एक्स और सेशन के माध्यम से होता था, और चार पाकिस्तानी हैंडल – अबीर जाट333, उजैर, राणा और हमाद – को निर्देश जारी करने के लिए चिह्नित किया गया है।
शर्मा ने कहा, “यह संदेह है कि ये हैंडल पाकिस्तान के शहजाद भट्टी गिरोह से जुड़े हैं। इनके माध्यम से कट्टरपंथी प्रचार किया गया और युवाओं को ब्रेनवाशिंग का शिकार बनाया गया। इन पाकिस्तानी हैंडलों ने ब्रिटेन और मैक्सिको के सिम कार्ड का भी इस्तेमाल किया।”
एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि इंटरनेट मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफार्म के जरिए दोनों किस तरह पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में आए, उन्हें क्या निर्देश मिलते थे और इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।

