India-China Trade: भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार करीब छह साल बाद फिर शुरू हो गया है. कोविड-19 महामारी के दौरान बंद हुए इस पारंपरिक व्यापार मार्ग को अब दोबारा खोला गया है. लिपुलेख पास (उत्तराखंड), शिपकी ला (हिमाचल प्रदेश) और नाथू ला (सिक्किम) जैसे प्रमुख रास्तों से व्यापार गतिविधियां दोबारा शुरू होने जा रही हैं.
इस फैसले से सीमावर्ती इलाकों के व्यापारियों, स्थानीय कारोबार और छोटे उद्योगों को फायदा मिलने की उम्मीद है. लंबे समय से बंद पड़े इस व्यापार से दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
भारत से चीन को क्या-क्या भेजा जाएगा?
- ऊन और ऊनी उत्पाद
- पश्मीना उत्पाद
- कालीन और हस्तशिल्प सामान
- कृषि उत्पाद
- जड़ी-बूटियां और हर्बल उत्पाद
- स्थानीय स्तर पर तैयार वस्तुएं
चीन से कौन-कौन सी चीजें आ सकती हैं?
- ऊनी कपड़े
- इलेक्ट्रॉनिक सामान
- रोजमर्रा के उपयोग की चीजें
- मशीनरी और छोटे उपकरण
- कुछ कृषि और घरेलू उपयोग की चीजें
क्या सस्ता मिलेगा सामान?
भारत-चीन व्यापार दोबारा शुरू होने से कुछ उत्पादों की सप्लाई बेहतर हो सकती है. खासकर वे सामान जिनका आयात चीन से होता है, उनमें कीमतों पर असर देखने को मिल सकता है. हालांकि, इसका सीधा फायदा हर प्रोडक्ट पर तुरंत नहीं दिखेगा. कीमतों पर असर आयात की मात्रा, मांग, टैक्स और सप्लाई चेन पर निर्भर करेगा.
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किन लोगों को फायदा होगा?
- छोटे व्यापारी
- ट्रांसपोर्ट कारोबार
- स्थानीय उत्पाद बनाने वाले लोग
- पर्यटन और होटल व्यवसाय
- सीमावर्ती बाजार
6 साल तक क्यों बंद था व्यापार?
भारत-चीन सीमा व्यापार कोविड-19 महामारी के दौरान रोक दिया गया था. इसके बाद भी कई प्रशासनिक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कारणों की वजह से इसे दोबारा शुरू करने में समय लगा. अब दोनों देशों की तैयारियों के बाद व्यापार मार्ग फिर से सक्रिय किए गए हैं.

