रायपुर। प्रदेश के किसान अब अपनी फसल की सुरक्षा अत्याधुनिक तरीके से करेंगे। मोबाइल और ड्रोन की मदद लेकर फसलों में लगने वाली बीमारियों का पता आसानी से लगाया जा सकेगा। यह सब कुछ इमेज प्रोसेसिंग के जरिये पूरा होगा। भिलाई के कम्प्यूटर साइंस प्रोफेशनल डॉ. तोरण वर्मा ने इसके लिए साफ्टवेयर तैयार किया है, जो फसल की फोटो देखकर उसमें लगी बीमारी का सटीक जानकारी देगा। भिलाई के संतोष रूंगटा इंजीनियरिंग कालेज में कार्यरत डॉ. तोरन वर्मा द्वारा बनाये गये इस साफ्टवेयर को छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने भी सराहा है। अभी तक किसान मैनुअली खेत के हर एक हिस्से में जाकर फसल की देखरेख करते है। फसल में लगने वाली बीमारी का पता रंग के आधार पर लगाया जाता है। इमेज प्रोसेसिंग तकनीक के जरिये उनकी यह परेशानी दूर हो जाएगी। खेत में लगे सीसीटीवी कैमरे को साफ्टवेयर से जोड़कर फसलों की लगातार मानीटरिंग की जा सकेगी। फसल का हर बार रंग बदलने पर साफ्टवेयर किसान को आगाह करेगा।
जानियें कैसा काम करेगा यह साफ्टवेयर
फसल में बीमारी लगने के बाद कलर स्पाट पैदा हो है। अभी किसान भी इसी को देखकर बीमारी का पता करते हैं, यदि धान की बाली सूखकर सफेद सफेद हो जायेगी तो साफ्टवेयर समझ जायेगा कि फसल इस्टमबोरर बीमारी का शिकार हुई है, जिसे वक्त रहते ठीक किया जा सकेगा। इससे किसान को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।

