भोपाल/ग्वालियर। मध्य प्रदेश के अब तक के सबसे चर्चित साइबर ठगी मामलों में राज्य साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में शाजापुर निवासी और भाजपा से जुड़े जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम का एक हिस्सा आरोपी के बैंक खाते में पहुंचा था। पुलिस को आशंका है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि देशभर में फैले संगठित साइबर नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
भरोसे का जाल बुनकर की गई 21 करोड़ की ठगी
राज्य साइबर पुलिस के अनुसार ग्वालियर के 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को एक महिला ने संपर्क कर क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का भरोसा दिलाया। कई महीनों तक लगातार बातचीत और विश्वास कायम करने के बाद उनसे अलग-अलग खातों में कुल 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये जमा कराए गए। जब पीड़ित ने निवेश की राशि वापस निकालने की कोशिश की तो अतिरिक्त रकम जमा करने का दबाव बनाया गया। यहीं से उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और मामला साइबर पुलिस तक पहुंचा।
आरोपी के खाते में मिले 50 लाख रुपये
तकनीकी जांच और बैंकिंग ट्रेल खंगालने के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से 50 लाख रुपये जगदीश कुमार मालवीय के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद यह रकम कई अन्य खातों में भेजी गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय से रिमांड लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
76 खातों में 106 ट्रांजेक्शन, फिर 20 हजार खातों तक पहुंची रकम
जांच एजेंसियों के मुताबिक पीड़ित से कुल 76 बैंक खातों में 106 बार रकम ट्रांसफर कराई गई। इसके बाद धनराशि को कई चरणों में अलग-अलग खातों में घुमाया गया और शुरुआती जांच में यह रकम 20 हजार से अधिक बैंक खातों तक पहुंचने की बात सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि यह साइबर अपराधियों द्वारा अपनाई जाने वाली ‘मनी लेयरिंग’ और ‘म्यूल अकाउंट’ प्रणाली का हिस्सा है।
दक्षिण भारत तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस को अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जांच में ठगी की लगभग 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत के विभिन्न बैंक खातों में पहुंचने की जानकारी मिली है। इसी कड़ी में राज्य साइबर पुलिस की टीमें कर्नाटक और तमिलनाडु भेजी गई हैं, जहां संदिग्ध खातों और नेटवर्क की जांच जारी है।
बैंकॉक यात्रा और संदिग्ध लेनदेन भी जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी भारतीय सेना का सेवानिवृत्त कर्मचारी है और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ा रहा है। उसके बैंक खाते में ढाई करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं उसका खाता अन्य साइबर अपराधों में भी इस्तेमाल तो नहीं हुआ। शुरुआती जांच में उसकी हालिया थाईलैंड (बैंकॉक) यात्रा की जानकारी भी मिली है, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया है।
कई और गिरफ्तारियां संभव
राज्य साइबर पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड मामले में कई और गिरफ्तारियां तथा बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

