मानसून के दस्तक देते ही कार सवारों को एक बेहद आम लेकिन जोखिम भरी चुनौती का सामना करना पड़ता है। सफर के दौरान एसी ऑन करते ही विंडशील्ड और खिड़कियों के शीशों पर भाप या धुंध जमने लगती है। पलक झपकी नहीं कि बाहर की सड़क दिखना बंद हो जाती है। यह स्थिति न केवल ड्राइवर को असहज करती है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका को भी कई गुना बढ़ा देती है। यदि आपके साथ भी बारिश और उमस भरे मौसम में यह परेशानी होती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपकी गाड़ी में ही एक ऐसा बटन दिया गया है जो कुछ ही सेकंड में इस समस्या को गायब कर सकता है।
कार के शीशों पर भाप जमने का मुख्य कारण वाहन के अंदर और बाहर के तापमान में होने वाला अंतर है। जब बाहर का मौसम गर्म, नमी युक्त या उमस भरा होता है और आप केबिन के भीतर चिल्ड एसी चलाते हैं, तो शीशा दोनों तापमानों के संपर्क में आता है। इससे हवा में मौजूद नमी कंडेंस होकर शीशे की बाहरी या भीतरी सतह पर जम जाती है। इसी वजह से मानसून और कड़ाके की ठंड के दिनों में विजिबिलिटी बहुत तेजी से घटने लगती है।
इस विकट स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक गाड़ियों में डी-फॉगर या डेफ़्रोस्टर का विकल्प दिया जाता है। जैसे ही शीशों पर धुंध दिखाई दे, आपको डैशबोर्ड पर बने इस बटन को प्रेस करना चाहिए। यह सिस्टम मुख्य विंडशील्ड पर सीधी हवा का बहाव केंद्रित करता है और तापमान को संतुलित कर शीशे को झटपट चमका देता है। रियर विंडशील्ड के लिए गाड़ियों में अलग से रियर डी-फॉगर की सुविधा होती है।
यदि आपने गौर किया हो, तो रियर ग्लास पर महीन लाल या भूरी रेखाएं बनी होती हैं। ये साधारण डिजाइन नहीं, बल्कि हीटिंग फिलामेंट्स होते हैं। जैसे ही रियर डी-फॉगर ऑन किया जाता है, इन रेखाओं में हल्का करंट दौड़ता है जिससे ये गर्म हो जाती हैं। इनकी गर्मी से शीशे पर जमा पानी और धुंध तुरंत भाप बनकर उड़ जाती है, जिससे पीछे का ट्रैफिक बिल्कुल साफ नजर आने लगता है।
जिन गाड़ियों में ऑटोमैटिक डी-फॉगर या रियर फिलामेंट नहीं होते, उनके लिए भी एक आसान तरीका मौजूद है। ऐसी स्थिति में एसी का टेम्परेचर बहुत कम रखने के बजाय थोड़ा बढ़ा लें। एसी पैनल पर मौजूद रिपब्लिक एयर यानी अंदरूनी हवा के रोटेशन को बंद करके ‘फ्रेश एयर मोड’ ऑन कर दें। अगर स्थिति फिर भी न सुधरे तो कार के शीशे को हल्का सा नीचे खिसका दें। ऐसा करने से बाहर और अंदर का तापमान एक समान हो जाएगा और भाप अपने आप खत्म होने लगेगी।
सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करने के लिए सफर शुरू करने से पहले विंडशील्ड वाइपर्स और वॉशर फ्लूइड की जांच अवश्य करें। गाड़ी का केबिन फिल्टर साफ रखें ताकि डी-फॉगर सही क्षमता से हवा फेंक सके। सफर के दौरान अगर धुंध के कारण आगे का रास्ता दिखना बंद हो जाए, तो गाड़ी की रफ्तार धीमी करें या सुरक्षित स्थान पर रोककर पहले शीशे साफ करें। साफ और स्पष्ट दृश्यता ही बारिश के मौसम में सुरक्षित ड्राइविंग की सबसे बड़ी चाबी है।

