अधिकारियों को मैनेज करने के नाम पर अवैध तरीके से उगाही करने वाले फर्जी पत्रकार को एक साथी के साथ गिरफ्तार किया है। मामला बिहार के जहानाबाद जिले का है। गिरफ्तार आरोपियों में घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव का रहने वाला नितिन कुमार और मोदनगंज का रहने वाला उसका दोस्त सुरेन्द्र कुमार शामिल है। इस संबंध में मोदनगंज के आपूर्ति पदाधिकारी संजीव कुमार के बयान पर नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. दरअसल, पूरा मामला जिले के मोदनगंज के एक डीलर राजाराम पासवान के खिलाफ एसडीएम निखिल धनराज के पास की गई शिकायत और उसकी जांच से जुड़ा है. मोदनगंज के रहने वाले सुरेन्द्र कुमार ने अपने पंचायत के डीलर राजाराम पासवान के खिलाफ राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत प्राप्त होने पर एसडीएम निखिल धनराज ने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय एक जांच कमेटी गठित कर दी थी. जांच के बाद जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी. इधर, शातिर सुरेन्द्र ने हर गतिविधि पर अपनी पैनी नजर बनाए रखी थी और यहीं से उसने अधिकारी के नाम पर डीलर से रुपये की उगाही की योजना बनाई. इस बाबत सुरेन्द्र ने अपने दोस्त नितिन की मदद ली. नितिन ने खुद को एक पोर्टल का पत्रकार बताते हुए डीलर के बेटे को फोन किया और जांच रिपोर्ट को मैनेज कराने के लिए बड़े अधिकारियों के नाम पर 30-35 हजार रुपये की डिमांड की. लेकिन, इतनी राशि देने में डीलर ने असमर्थता जताई, जिसके बाद उस पर लगातार रुपये देने का दबाव बनाया गया. इधर, इतने रुपयों की मांग से परेशान डीलर खुद एसडीएम निखिल धनराज से मिलने पहुंच गया और असमर्थता जताते हुए लाइसेंस ही रद्द करने की याचना करने लगा. डीलर ने एसडीएम को मोबाइल पर हुई बात की ऑडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई. इधर, ऑडियो क्लिप उपलब्ध होने पर निखिल धनराज ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया. आदेश मिलने के बाद पुलिस ने बड़े ही सधे अंदाज में पहले नितिन को रुपये देने के लिए एक ठिकाने पर बुलाया. लेकिन रुपये लेने के लालच में आया नितिन पुलिस के हत्थे चढ़ गया. इसके बाद नितिन के सहारे पुलिस ने सुरेन्द्र को भी बुलाकर गिरफ्त में ले लिया. फिलहाल, पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है.

