नई दिल्ली : क्या आपको अक्सर सिर में ऐसा खिंचाव या दर्द महसूस होता है जैसे दिमाग के अंदर अचानक कोई दबाव बन रहा हो? या फिर सुबह सोकर उठते ही आंखों के आगे धुंधलापन और सिर में असहनीय भारीपन महसूस होता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इन लक्षणों को सामान्य सिरदर्द समझकर इग्नोर करना भारी पड़ सकता है। यह इंट्राक्रैनियल हाइपरटेंशन यानी दिमाग के भीतर बढ़ा हुआ तरल दबाव हो सकता है।

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार मानव खोपड़ी (Skull) हड्डियों से बना एक सीमित और बंद ढांचा है। इसके अंदर तीन मुख्य चीजें होती हैं दिमाग, खून और एक विशेष तरल पदार्थ जिसे सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (CSF) कहा जाता है।

जब खोपड़ी के भीतर इस सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (CSF) का संतुलन बिगड़ जाता है अर्थात यह तरल आवश्यकता से अधिक बनने लगता है सही तरीके से प्रवाहित नहीं हो पाता या सही से सोखा नहीं जाता तो फिक्स जगह होने के कारण दिमाग की नसों और ऊतकों पर बहुत तेजी से दबाव बढ़ने लगता है। इसी स्थिति को ब्रेन प्रेशर या इंट्राक्रैनियल हाइपरटेंशन कहते हैं। चिकित्सा विज्ञान में इसे दो मुख्य श्रेणियों में बांटा जाता है। पहला आइडियोपैथिक इंट्राक्रैनियल हाइपरटेंशन, जब बिना किसी स्पष्ट ब्रेन ट्यूमर या अन्य बड़ी बीमारी के अपने-आप दिमाग का प्रेशर बढ़ जाता है। मेडिकल भाषा में ‘आइडियोपैथिक’ का अर्थ ही यह है कि इसका कोई एक निश्चित कारण स्पष्ट नहीं है।

दूसरा सेकेंडरी इंट्राक्रैनियल हाइपरटेंशन, यह तब होता है जब किसी अन्य डॉक्टरी वजह से प्रेशर बढ़ता है जैसे सिर में गंभीर चोट लगना, ब्रेन ट्यूमर, दिमागी इंफेक्शन (मेनिन्जाइटिस) या दिमाग की नस में खून का थक्का (Blood Clot) जमना। वहीं अगर खोपड़ी के अंदर प्रेशर बढ़ रहा है तो शरीर में ये लक्षण दिखाई देने लगते हैं। विशेष रूप से सुबह उठने पर या खांसने-झुकने पर दर्द का बढ़ना। आंखों से धुंधला दिखाई देना, दो-दो चीजें दिखना (Double Vision) या अचानक आंखों के आगे अंधेरा छाना। कानों में लगातार सीटी जैसी या धड़कन की आवाज सुनाई देना। सिरदर्द के साथ अचानक उल्टी जैसा महसूस होना। गर्दन के पीछे खिंचाव और दर्द महसूस होना।

बता दें कि जिन लोगों का वजन अधिक होता है उनमें यह समस्या अधिक देखी जाती है। आंकड़ों के अनुसार पुरुषों की तुलना में 20 से 44 साल की महिलाओं में ‘आइडियोपैथिक’ रूप अधिक देखा जाता है। कुछ विशेष दवाओं के सेवन या हार्मोनल बदलावों के कारण भी यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य सार्वजनिक जानकारियों, स्वास्थ्य लेखों और इंटरनेट पर उपलब्ध स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। यह किसी भी तरह से योग्य डॉक्टर की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
Exit mobile version