तिल्दा-नेवरा। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ और उनके समस्त केडर के साथियों द्वारा 21 जनवरी को दोपहर भोजनावकाश में जिला और विकासखंड मुख्यालय में किसानों के आंदोलन के साथ एकजुटता प्रदर्शित करेंगे। यह जानकारी देते हुए अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि 13 जनवरी को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के वर्चुअल बैठक में निर्णय लिया गया कि 1.तीन कृषि कानून को रद्द करने 2.इलेक्ट्रीसिटी अमेन्डमेंट बिल 2020 को वापस लेने 3. कृषि उत्पादन में एमएसपी सुनिश्चित करने 4.श्रम कानून में हूए संशोधन के विरोध में यह दिवस मनाया जायेगा। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष और अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश साहू ने प्रदेश के समस्त कर्मचारी साथियों से अपील की है कि वे अपने जिले और तहसील में इस दिवस को सार्थक बनाते हुए प्रदर्शन करें। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष और महामंत्री सुखीराम धृतलहरे, प्रकाश शुक्ला, उपाध्यक्ष गजेश यदु ने संयुक्त रूप से कहा कि केन्द्र सरकार ने पूंजीपतियों के हकों में श्रम कानून को पास किया है। किसानों के तीखे विरोध के बावजूद कृषि कानूनों को लागू करने में तुला है। इनका कर्मचारी जगत पुरजोर विरोध करता है। सभी साथियों से अपील की जाती है कि वे इस एकजुटता दिवस में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रम को सफल बनायेंगे।
