Does First Cigarette Cause Damage To Body: कई लोगों को लगता है कि सिगरेट पीने से होने वाली गंभीर बीमारियां कई साल तक धूम्रपान करने के बाद ही सामने आती हैं. इसी सोच के चलते कुछ लोग खुद को यह कहकर समझाते हैं कि उन्होंने अभी कुछ ही साल से सिगरेट पीना शुरू किया है या वे सिर्फ कभी-कभार और दोस्तों के साथ ही स्मोक करते हैं. लेकिन एक्सपर्ट के मुताबिक, यह सोच सही नहीं है. सिगरेट का धुआं शरीर को नुकसान पहुंचाना पहली बार इसके संपर्क में आने के बाद ही शुरू कर सकता है, भले ही उस समय इसका कोई साफ लक्षण नजर न आए.

ग्लेनीगल्स अस्पताल, परेल के पल्मोनोलॉजी और लंग ट्रांसप्लांट विभाग के निदेशक डॉ. समीर गार्डे के मुताबिक, सिगरेट का असर फेफड़ों के साथ-साथ दिल और ब्लड वेसल्स पर भी पड़ना शुरू हो जाता है. उनका कहना है कि यह मान लेना गलत है कि कई सालों तक धूम्रपान न करने तक शरीर को कोई नुकसान नहीं होता. डॉक्टर के मुताबिक, शरीर सिगरेट के धुएं के संपर्क में आते ही उस पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर देता है. हालांकि, शुरुआत में होने वाला नुकसान इतना हल्का हो सकता है कि व्यक्ति उसे महसूस नहीं कर पाता. यही वजह है कि कई लोग खुद को पूरी तरह स्वस्थ समझते रहते हैं और धूम्रपान जारी रखते हैं.

पहली सिगरेट से ही शरीर में शुरू हो सकते हैं बदलाव

डॉ. गार्डे के अनुसार, सिगरेट के धुएं की थोड़ी सी मात्रा भी शरीर पर तुरंत असर डाल सकती है. इसके शुरुआती प्रभावों में हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर का बढ़ना शामिल है. इसके साथ ही फेफड़ों में जलन और सूजन जैसी स्थिति भी शुरू हो सकती है. उन्होंने बताया कि धूम्रपान का असर फेफड़ों, रक्त वाहिकाओं और दिल पर पड़ता है. लगातार सिगरेट पीते रहने से यह नुकसान धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और समय के साथ कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है.

सिर्फ इसलिए सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि कोई लक्षण नहीं है

धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को अगर खांसी, सांस फूलना या सीने में परेशानी जैसी कोई समस्या महसूस नहीं हो रही है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि शरीर पर कोई असर नहीं पड़ रहा. डॉक्टर के मुताबिक, सिगरेट का धुआं शरीर के अंदर ऐसे बदलाव शुरू कर सकता है, जिनका शुरुआती दौर में पता नहीं चलता. यानी खुद को स्वस्थ महसूस करना धूम्रपान से होने वाले नुकसान से सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है. नुकसान धीरे-धीरे बढ़ सकता है और लंबे समय तक धूम्रपान करने पर इसके प्रभाव ज्यादा गंभीर हो सकते हैं.

सोशल स्मोकिंग को भी हल्के में न लें

सिर्फ पार्टियों या दोस्तों के साथ कभी-कभार सिगरेट पीने को भी सुरक्षित विकल्प नहीं माना जा सकता. डॉ. गार्डे के मुताबिक, धूम्रपान का कोई भी रूप पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. शरीर में जाने वाले धुएं की थोड़ी मात्रा भी बीमारी का खतरा बढ़ा सकती है.

सिगरेट छोड़ते ही शरीर शुरू करता है सुधार

हालांकि, अच्छी बात यह है कि धूम्रपान छोड़ने के बाद शरीर रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर देता है. डॉक्टर के मुताबिक, सिगरेट छोड़ते ही शरीर खुद को ठीक करने की दिशा में काम करना शुरू कर देता है. धीरे-धीरे फेफड़ों की क्षमता में सुधार हो सकता है और दिल से जुड़ी समस्याओं, स्ट्रोक और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का जोखिम भी कम हो सकता है. धूम्रपान जितनी जल्दी छोड़ा जाए, शरीर को उतना ही ज्यादा फायदा मिल सकता है. डॉक्टर का कहना है कि कम उम्र में सिगरेट छोड़ना भविष्य के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बड़ी उम्र में छोड़ने का कोई फायदा नहीं है. आप जिस उम्र में भी धूम्रपान छोड़ते हैं, वह भविष्य के स्वास्थ्य के लिए बेहतर कदम है.

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
Exit mobile version