पंजाबी एक्ट्रेस और ‘बिग बॉस 13’ फेम हिमांशी खुराना (Himanshi Khurana) ने हाल ही में अपने एक्स बॉयफ्रेंड आसिम रियाज के कारण धर्म परिवर्तन (इस्लाम कबूल करने) का खुलासा किया था। इस दौरान वह काफी इमोशनल भी नजर आईं। उन्होंने इसी बीच गुरु गोबिंद सिंह जी को लेकर एक कहानी सुनाई। जिसमें उन्होंने बताया कि जब इंसान भटकता है, तो ईश्वर किसी न किसी रूप में उसे बचाने जरूर आते हैं।

हिमांशी खुराना ने सुनाया गुरु गोबिंद सिंह जी का किस्सा

हिमांशी खुराना हाल ही में पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में पहुंची। जहां उन्होंने कहा, “मैं एक कहानी सुनाती हूं। मैंने बचपन में पढ़ी थी कि एक बच्चा पाई जोगा था उनके माता-पिता उन्हें आनंदपुर साहिब के किले पर ले गए, जहां गुरु गोबिंद सिंह जी की शाम को सभा होती थी और भजन होते थे वो लोग जब गुरु गोबिंद सिंह जी के सामने पहुंचे तो गुरु गोबिंद सिंह जी ने उनसे पूछा- “आपका नाम क्या है?” उन्होंने उत्तर दिया- “मेरा नाम जोगा।”  इस पर गुरुजी ने मुस्कुराते हुए कहा- “भाई, तू किसके जोगा?” जोगा जी ने भावुक होकर कहा- “मैं तो आपके जोगा (योग्य/समर्पित)।” तब दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी ने वचन दिया- “अगर तू मेरे जोगा है, तो मैं भी तेरे जोगा हूं।” इसके बाद जोगा जी गुरु दरबार में ही रहकर सेवा करने लगे।

शादी तोड़कर जोगा जी पहुंचे थे गुरू गोबिंद सिंह जी के पास

हिमांशी ने आगे बताया कि जब जोगा जी के विवाह की उम्र हुई, तो गुरुजी ने उन्हें पेशावर वापस उनके घर भेज दिया। लेकिन साथ ही अपने एक सिंह को चिट्ठी देकर भेजा कि जैसे ही शादी का दूसरा फेरा पूरा हो, यह पत्र जोगा जी को दे देना।

दूसरे फेरे पर जैसे ही जोगा जी को पत्र मिला उसमें लिखा था कि गुरुजी को तुरंत उनकी आवश्यकता है। जोगा जी ने बिना एक पल गंवाए शादी का मंडप छोड़ दिया और आनंदपुर साहिब के लिए निकल पड़े। लेकिन, रास्ते में रुकने के दौरान उनके मन में अहंकार आ गया कि उनसे बड़ा गुरुभक्त कौन होगा? जो अपनी शादी छोड़कर आ गया। अहंकार आते ही उनका मन भटक गया और पास के एक घर से आ रहे संगीत से वह आकर्षित होकर वहां जाने लगे।”

जोगा जी को हुई थी शर्मिंदगी महसूस

जब भी जोगा जी उस घर में प्रवेश करने की कोशिश करते, वहां खड़ा दरबान उन्हें यह कहकर रोक देता कि “सिंह जी, यह आपके जाने योग्य स्थान नहीं है।” दो-तीन बार रोकने के बाद जोगा जी वापस लौट आए, लेकिन उनका मन भर गया। वह शर्मिंदा होने लगे। 

जब वह आनंदपुर साहिब पहुंचे और गुरु गोबिंद सिंह जी के चरणों में माथा टेका, तो गुरुजी ने पूछा- “जोगा, कल रात तुम कहां थे?” जोगा जी शर्म से सिर झुकाए चुप रहे। तब गुरुजी ने मुस्कुराते हुए कहा- “आगे से मुझे पूरी रात दरबान बनाकर खड़ा मत रखना!” यह सुनते ही भाई जोगा जी समझ गए कि खुद गुरुजी ही दरबान बनकर उनकी मर्यादा और धर्म की रक्षा कर रहे थे।

हिमांशी ने इस भावुक कथा का सार बताते हुए कहा कि जीवन में जब कोई साथ नहीं देता और इंसान पूरी तरह टूटकर भटक जाता है, तब ईश्वर खुद आपको उस दलदल से निकालने आते हैं और आपको सच का रास्ता दिखाते हैं। मुझे भी उन्होंने ही सच्चाई का रास्ता दिखाया और मुझे उस खराब जगह से बाहर निकाला।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
Exit mobile version