रामपुर। आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट कही जाने वाली जौहर यूनिवर्सिटी पिछले कई महीनों से सुर्खियों में है। कभी 38 भवनों को तोड़ने की कार्रवाई तो अब ईडी का छापा भी पड़ा है। आजम खान की ये चर्चित यूनिवर्सिटी सपा सरकार में बनी थी। इसका निर्माण कब हुआ, कितना खर्च आया, कितनी जमीन पर ये यूनीवर्सिटी बनी है और क्या-क्या अब तक कार्रवाई हुई हैं? इसके बारे में पेश है एक रिपोर्ट। आईये इस आर्टिकल में जौहर यूनिवर्सिटी के बारे में जानने की कोशिश करते हैं।
आजम खान ट्रस्ट के तीन रामपुर पब्लिक स्कूल (RPS) थे, RPS गर्ल्स विंग और RPS (जौहर रिसर्च इंस्टीट्यूट) को सील कर दिया गया।।
जनवरी 2023 में यूपी सरकार ने जौहर रिसर्च इंस्टीट्यूट की लीज समाप्त कर दी, स्कूल खाली न करने पर मार्च 2023 में भवन सील कर दिया गया। नवंबर 2023 में सरकार ने RPS गर्ल्स विंग का कब्जा अपने हाथ में ले लिया। जुलाई 2024 में खुर्शीद गर्ल्स इंटर कॉलेज को इसी भवन में स्थानांतरित किया गया।
भाजपा सरकार बनने के बाद साल 2017 से शुरू हुई जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई
वर्ष 1990
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का गठन हुआ
वर्ष 2012
राज्य में तत्कालीन सपा सरकार से विश्वविद्यालय का दर्जा मिला
वर्ष 2019
विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीन लेने, शत्रु संपत्ति और सरकारी जमीन से जुड़े आरोपों में बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज हुए
वर्ष 2020
एसआईटी ने जौहर विश्वविद्यालय की जमीन से जुड़े 28 मामलों में 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
जुलाई 2019
26 किसानों ने 35 बीघा जमीन पर अतिक्रमण का मामला दर्ज कराया, मामले की सुनवाई जारी
2019–2021
सरकार ने लीज पर दी गई 170 एकड़ जमीन को वापस लेना शुरू किया, हाईकोर्ट ने मंजूरी दी
सितंबर 2022
यूनिवर्सिटी परिसर में करोड़ों रुपये की नगर निगम की सफाई मशीनें जमीन में दबी हुई मिलीं
अक्टूबर 2022
भड़काऊ भाषण मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन/मजिस्ट्रेट अदालत) ने उन्हें तीन साल की सजा भी हुई
वर्ष 2022
ईडी की एक टीम जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों की प्रारंभिक पड़ताल करने आई थी
2023
आईटी (आयकर) छापों में 60 करोड़ के बजाय 800 करोड़ के खर्च का खुलासा हुआ, टैक्स चोरी की आशंका जताई गई
अप्रैल 2024
आजम खान, उनकी पत्नी और बेटे समेत 13 अन्य लोगों पर अलीगंज के किसानों की जमीन कब्जाने के 22 मामलों में आरोप तय किए
अक्टूबर 2024
सुप्रीम कोर्ट ने जौहर ट्रस्ट को दी गई सरकारी जमीन की लीज रद करने का फैसला बरकरार रखा
जुलाई 2024
रामपुर जिला प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की 13.8 हेक्टेयर जमीन का कब्जा लिया और दो इमारतों को सील कर दिया
फरवरी 2025
जौहर यूनिवर्सिटी में 1 रुपये करोड़ के हॉस्टल निर्माण घोटाले का खुलासा हुआ, जिसके बाद केंद्र सरकार ने फंड रोक दिया, 93.48 लाख की पहली किस्त, ब्याज सहित, वापस मांगी गई, कार्रवाई के बाद आजम खान को हुआ बड़ा नुकसान
जुलाई 2019
पीडब्ल्यूडी सड़क पर अवैध रूप से प्रवेश द्वार बनाने पर 3.27 करोड़ का जुर्माना लगाया गया
वर्ष 2019
जौहर विवि में अरबों रुपये का सरकारी बजट खपाने की शिकायत पर तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार ने नौ सदस्यीय टीम गठित कर जांच शुरू कराई, निजी विश्वविद्यालय पर अरबों का सरकारी बजट खपाने का रिकॉर्ड सामने आया
सितंबर 2021
रामपुर प्रशासन ने यूनिवर्सिटी से लगभग 170 एकड़ जमीन वापस ले ली
जनवरी 2023
सरकार ने जौहर रिसर्च इंस्टीट्यूट की लीज समाप्त कर दी, स्कूल खाली न करने पर मार्च 2023 में भवन सील कर दिया गया
सितंबर 2023
ईडी की छापेमारी में खुलासा हुआ कि कॉलेज निर्माण के लिए छह विभागों से 106 करोड़ जारी किए गए थे
नवंबर 2023
सरकार ने RPS गर्ल्स विंग का कब्जा अपने हाथ में ले लिया
जुलाई 2024
खुर्शीद गर्ल्स इंटर कॉलेज को इसी भवन में स्थानांतरित किया गया
अप्रैल 2025
जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर लगभग 500 से 800 करोड़ खर्च हुए, जबकि खाते में केवल 100 करोड़ दर्ज थे. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नोटिस जारी किया
23 जून 2026
आयकर विभाग ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का चैरिटेबल पंजीकरण और टैक्स छूट का दायरा अनियमितताओं और आय-व्यय का ब्योरा न दे पाने के कारण निरस्त कर दिया
15 जुलाई 2026
रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय परिसर की 40 में 38 इमारतों को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। खुद तोड़ने के लिए 15 दिन का समय दिया
23 जुलाई 2026
कमिश्नर कोर्ट व इलाहाबाद हाई कोर्ट में ध्वस्तीकरण आदेश के विरुद्ध याचिका दाखिल की गई
27 जुलाई 2026
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह की अदालत ने 38 भवनों के ध्वस्तीकरण पर अंतरिम रोक लगा दी
13 अगस्त 2026
कमिश्नर कोर्ट में सुनवाई के बाद 25 अगस्त की तारीख दी गई
19 अगस्त 2026
ईडी ने आजम और जौहर ट्रस्ट व विश्वविद्यालय से जुड़े रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली समेत नौ ठिकानों
पर छापेमारी की, कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी बताई गई है।
जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना
- जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना 18 सितंबर 2006 को हुई थी और इसका उद्घाटन 18 सितंबर 2012 को हुआ है
- जौहर यूनिवर्सिटी करीब 1500 बीघा जमीन पर बनी है
- इसकी लगात करीब 500–800 करोड़ के बीच है
- यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति (Chancellor) आजम खान, कुलपति (Vice Chancellor), डॉ. जहीरुद्दीन पूर्व प्रो-वाइस चांसलर (Ex-Pro Vice Chancellor) डॉ. तंजीम फातिमा, प्रो-चांसलर: अब्दुल्ला आजम खान और सचिव अदीब आजम खान हैं
- आजम खान पर रामपुर में दर्ज करीब 90 मामलों में से लगभग 30 मामले जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं.
मार्च 2017 में अखिलेश यादव सरकार गई और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद जौहर यूनिवर्सिटी पर लगातार कार्रवाई शुरू हुई।

