Surya Ketu Yuti: ज्योतिष के अनुसार सूर्य और केतु की युति को विशेष प्रभाव देने वाली स्थिति माना जाता है. सूर्य ने 17 अगस्त 2026 को सुबह 8:03 बजे अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश किया, जहां पहले से केतु स्थित है. इससे सूर्य-केतु युति प्रारंभ हुई है, जिसे ज्योतिष में ग्रहण योग से जोड़ा जाता है. यह युति 17 सितंबर 2026 को सुबह 7:58 बजे तक सिंह राशि में रहेगी. इस दौरान सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिल सकते हैं.
मेष से कर्क राशि
- मेष: पूर्वानुमान संबंधी मामलों में असफलता मिल सकती है. परिवार में मांगलिक कार्य होंगे और आमदनी के नए स्रोत बन सकते हैं.
- वृषभ: पारिवारिक अशांति संभव है. मरम्मत, निर्माण और नई खरीदारी पर खर्च होगा, जबकि कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है.
- मिथुन: छोटी या लंबी लाभकारी यात्रा के योग हैं. आमदनी बढ़ाने के नए स्रोत मिलेंगे और पुरानी समस्याओं से राहत मिलेगी.
- कर्क: गलत निर्णय नुकसान दे सकता है. घर में मांगलिक कार्य होंगे और नए काम में पूंजी निवेश संभव है.
सिंह से कन्या राशि
- सिंह: मानसिक अशांति रह सकती है. वैवाहिक जीवन और साझेदारी में अस्थिरता संभव है. खरीदारी और स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ सकता है.
- कन्या: आर्थिक लाभ और हानि दोनों के योग हैं. नया पद मिल सकता है और पुरानी समस्या का समाधान होने की संभावना है.
तुला से धनु राशि
- तुला: समय लाभप्रद रहेगा. थोड़े प्रयास से रुके कार्य पूरे होंगे. विरोधी कमजोर पड़ेंगे और परिवार में मांगलिक आयोजन हो सकते हैं.
- वृश्चिक: महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता, तरक्की और सम्मान मिलने के योग हैं. घर में शुभ कार्य हो सकते हैं.
- धनु: पुरानी समस्या दूर होगी. कार्यक्षेत्र में तरक्की के साथ नई जिम्मेदारी या पद मिल सकता है. जीवन स्तर में सुधार होगा.
मकर से मीन राशि
- मकर: अनचाहे बदलाव और स्वास्थ्य संबंधी खर्च हो सकते हैं. गलत निर्णय से नुकसान और महत्वपूर्ण काम में अंतिम समय पर बाधा संभव है.
- कुंभ: परिवार और साझेदारी में मतभेद हो सकते हैं. नए संपर्क बनेंगे, लेकिन विवाद और पूर्वानुमान संबंधी कार्यों में सावधानी रखें.
- मीन: विवादित और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में सफलता मिल सकती है. ऋण निपटाने तथा उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने के अवसर बन सकते हैं.
(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

