पठानकोट : जिले में कारोबारी की पत्नी की हत्या मामले में हैरानीजनकर खुलासा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार वारदात को किसी अनजान व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतका के पड़ोसी ने अंजाम दिया था। आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए चेहरे को कपड़े से ढक रखा था और टोपी पहनकर हाथ में खाली डिब्बा लेकर महिला के घर पहुंचा था।
वारदात के दौरान आरोपी ने महिला से कहा कि उनके बेटे ने सामान भेजा है। इसी दौरान अचानक चेहरे से कपड़ा खिसक गया और महिला आशा महाजन ने उसे पहचान लिया। पहचान सामने आने के डर से आरोपी ने महिला पर हमला कर दिया और उसके सोने के 2 कंगन लेकर फरार हो गया। सबके चौंकाने वाली बात वारदात के बाद आरोपी अपने घर पहुंचा, मुंह-हाथ धोए और फिर मोहल्ले में शोर मचने पर लोगों की भीड़ में शामिल हो गया, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी छत के रास्ते से फरार हुआ था। इसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की और पड़ोसी पर संदेह होने के बाद उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने वारदात कबूल कर ली, जिसके बाद हत्या की पूरी कहानी सामने आ गई। आरोपी वरुण ने बताया कि वह इंतजार कर रहा था कि, कब महिला का बेटा दुकान पर जाए। सोमवार की शाम 7.15 जब मृतका बेटा वरुण महाजन दुकान के लिए निकला तो करीब 25 मिनट के बाद आरोपी खाली डिब्बा लेकर दरवाजे पर आ गया और महिला से कहने लगा कि आपके बेटे ने सामान भेजा है। इसके बाद आरोपी अंदर चला गया।
चेहरा दिखा तो दिया वारदात को अंजाम
आरोपी ने बताया कि, वह लूट के इरादे से गया था। उसने अपना चेहरा कपड़े से ढका हुआ था। उसने अंदर जाकर पहले महिला से पानी मांगा इसी बीच उसके चेहरे से कपड़ा हट गया और महिला ने उसे पहचान लिया। इसी के चलते उसने महिला पर हथौड़े और चेहरे पर सरिए से हमला कर दिया। इसके बाद आरोपी ने उसके हाथों से कंगन उतार लिए। आरोपी को पकड़े जाने का डर था, इसलिए उसने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर उखाड़ ली। इसी दौरान महिला की चीखें सुनकर आसपास के लोग घर के बाहर जमा होने लगे। भीड़ बढ़ती देख आरोपी सीढ़ियों के रास्ते छत पर पहुंचा और वहां से अपने घर चला गया और खून से सने कपड़े अपने घर पर जाकर छिपा दिए। जांच दौरान सामने आया कि आरोपी घर पर अकेला रहता था उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है और उसका कोई भाई-बहन भी नहीं था। यही नहीं आरोपी नशे का भी आदी था।

