उत्तर प्रदेश के संभल में 770 दिनों का सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद विदाई समारोह में IPS कृष्ण कुमार (केके विश्नोई) भावुक होकर रो पड़े. उन्हें संभालते हुए पास बैठे DM अंकित खंडेलवाल की आंखें भी नम हो गईं. योगी सरकार ने हाल ही में तबादला कर IPS केके विश्नोई को बिजनौर जिले का नया SP बनाया है.
विदाई के दौरान IPS कृष्ण कुमार (केके विश्नोई) रो पड़े. विदाई समारोह में उनके पास ही बैठे संभल के जिलाधिकारी IAS अंकित खंडेलवाल ने उन्हें संभाला, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद वे खुद भी भावुक हो गए. संभल SP के तौर पर IPS कृष्ण कुमार विश्नोई ने 770 दिनों का कार्यकाल पूरा किया. उनका विदाई समारोह करीब तीन घंटे तक चला, जहां वे अपने सहयोगियों को याद करते हुए भावुक हो गए.
बता दें कि शनिवार को संभल पुलिस लाइन बहजोई के कॉन्फ्रेंस हॉल में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का विदाई समारोह आयोजित किया गया. करीब तीन घंटे चले इस विदाई समारोह में एसपी बिश्नोई अपने सहयोगियों को याद करते हुए भावुक हो गए. उनके बराबर में बैठे संभल के डीएम अंकित खंडेलवाल भी कुछ ही क्षण में भावुक हो गए.
किसान को दिलवाया जमीन का हक
एसपी बिश्नोई ने अपने कार्यकाल के दौरान साथ काम करने वाले सहयोगियों को याद करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. पुलिस अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एसपी को फूलों से विदाई दी. इसी दौरान उन्होंने एक पीड़ित किसान की कहानी सुनाई, जिसे 10 साल से 50 लाख रुपये से अधिक की अपनी जमीन का हक नहीं मिल पा रहा था. एसपी ने बताया कि उनके निर्देश पर चकबंदी अधिकारियों ने मात्र दो दिन में किसान को उसकी जमीन वापस दिलाई.
संभल हिंसा पर भी बोले एसपी केके बिश्नोई
उन्होंने जनपद संभल में अपने कार्यकाल के दौरान हुई कई अन्य घटनाओं का भी संक्षिप्त जिक्र किया. एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की घटना का उल्लेख किया. उन्होंने मुकदमों की जांच में कुलदीप कुमार की विशेष प्रशंसा की. एसपी ने कहा कि इस घटना में पुलिस और प्रशासन ने कंधे से कंधा मिलाकर सामना किया है. उन्होंने विशेष रूप से संभल के कुलदीप कुमार को मुकदमे की लिखा-पढ़ी, केस के नेतृत्व और साक्ष्य जुटाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए धन्यवाद दिया.
संभल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि संभल हिंसा से संबंधित 284 मामले अब तक हाई कोर्ट में निरस्त हो चुके हैं, जिनमें जमानत संबंधी मामले भी शामिल हैं. कुछ याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट से भी निरस्त की गई हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि संभल पुलिस के खिलाफ कभी कोई प्रतिकूल आदेश नहीं आया, क्योंकि पुलिस ने हर मामले को विधि-सम्मत तरीके से निपटाया.उन्होंने उन पुलिसकर्मियों की भी सराहना की, जिन्होंने चोट लगने के बावजूद कर्तव्य पर डटे रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाई.

