आईपीएस अधिकारी केके बिश्नोई ने बिजनौर के पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभाल लिया है. बिजनौर एसपी बनते ही उन्होंने ‘भरोसे की पर्ची’ नाम से एक नई पहल शुरू की है, जिसका सीधा लाभ पुलिस थानों में शिकायत लेकर पहुंचने वाले फरियादियों को मिलेगा.
बिजनौर पुलिस अधीक्षक पद पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद एसपी केके बिश्नोई ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि वह संभल जिले की तर्ज पर बिजनौर में भी ‘भरोसे की पर्ची’ व्यवस्था लागू करेंगे. इससे जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होगा.
क्या है ‘भरोसे की पर्ची’?
बिजनौर के पुलिस थानों और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आने वाले फरियादियों को ‘भरोसे की पर्ची’ दी जाएगी. इसके माध्यम से पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया जाएगा कि उनकी समस्या को न केवल गंभीरता से सुना गया है, बल्कि उसके निस्तारण की जवाबदेही भी तय की गई है. पर्ची में उनकी शिकायत से संबंधित पूरा विवरण होगा.
माफिया पर कसेंगे शिकंजा
संभल के एसपी रहते हुए केके बिश्नोई ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ कड़े कदम उठाए थे. यह सिलसिला वह बिजनौर में भी जारी रखेंगे. प्रेसवार्ता के दौरान एसपी बिश्नोई ने कहा कि जिले में माफिया और असामाजिक तत्वों की सूची तैयार की जाएगी और उसी आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश
बिजनौर एसपी केके बिश्नोई ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पुलिस के सीयूजी (CUG) नंबरों पर आने वाली कॉल को प्राथमिकता से उठाएं, ताकि फरियादियों की पहुंच पुलिस तक आसान हो सके. इसके अतिरिक्त, जनसुनवाई के दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए हैं.


